श्रीनगर :
जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने टूरिस्टों को निशाना बनाया। इस हमले में अब तक 28 मौतें हुई हैं, जिनमें ज्यादातर टूरिस्ट हैं। मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय लोग भी बताए जा रहे हैं। यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक आतंकी हमला है। इस केंद्रशासित प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुआ सबसे बड़ा हमला बताया। आतंकियों की तलाश में सेना जुट गई है। लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर्स जारी किए गए हैं। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हाई लेवल मीटिंग के लिए भी पहुंच रहे हैं।
मिनी स्विटजरलैंड बना निशाना
अधिकारियों ने बताया कि टूरिस्टों पर यह आतंकी हमला लंबे हरे-भरे घास के मैदानों वाली बैसरन घाटी में दोपहर बाद तीन बजे हुआ। इसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ भी कहा जाता है। चश्मदीदों ने बताया कि हथियारबंद आतंकी बैसरन घाटी के पहाड़ से नीचे उतरे और वहां घुड़सवारी करते टूरिस्टों, खाने-पीने की जगहों और पिकनिक मनाते लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की। आतंकी सैनिकों और पुलिस जैसी वर्दी में थे। इस हमले में टूरिस्टों के साथ स्थानीय लोग भी घायल हुए। कुछ घोड़ों को भी गोली लगी है। लोगों ने आतंकियों की संख्या पांच बताई है।
हेल्प लाइन जारी
स्थानीय प्रशासन ने श्रीनगर में इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाया है और लोगों की मदद के लिए फोन नंबर भी जारी किए हैं। ये हैं 0194-2457543, 0194-2483651 और मोबाइल नंबर 7006058623 भी दिया गया है। हाई अलर्ट जारी
अधिकारियों ने बताया कि हमले के तुरंत बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में केंद्रीय गृह सचिव, आईबी चीफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ डीजी, आर्मी के टॉप अधिकारियों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीटिंग की। इस हाई लेवल मीटिंग के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना हो गए। उनके अलावा अन्य तमाम सिक्योरिटी फोर्सेज के चीफ और अन्य आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्रालय, आर्मी, बीएसएफ, सीआरपीएफ और आईबी अधिकारियों के बीच हुई मीटिंग में इस आतंकी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए कहा गया है।
