टीएसपी-एससीपी योजनाओं को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी।
देहरादून। टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) और एससीपी (स्पेशल कम्पोनेंट प्लान) के तहत क्षेत्र में योजनाओं के संचालन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी सामने आई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्षेत्र की आवश्यकताओं और उनके द्वारा सुझाए गए विकास कार्यों को योजनाओं में अपेक्षित स्थान नहीं दिया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में समन्वय की कमी से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से टीएसपी-एससीपी योजनाओं की समीक्षा कर क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों को शामिल करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से संगठन का मनोबल प्रभावित होता है और सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर इस मुद्दे को संगठन के उच्च स्तर तक ले जाने की बात कही।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में समन्वय की कमी से कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से टीएसपी-एससीपी योजनाओं की समीक्षा कर क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों को शामिल करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित होने से योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।
कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से संगठन का मनोबल प्रभावित होता है और सरकार व संगठन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर इस मुद्दे को संगठन के उच्च स्तर तक ले जाने की बात कही।
