आचार्य लोकेश बडोनी मधुर
पुरोला उतरकाशी
पुरोला उतरकाशी
राष्ट्र निर्माण की असली ताकत युवा पीढ़ी है। युवा केवल डिग्रियों से शिक्षित न हो, बल्कि धर्म, संस्कृति, नैतिकता और संस्कारों से भी समृद्ध होना चाहिए।
भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और उच्च जीवन मूल्यों से रही है। आज आवश्यकता है कि देश का युवा आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से भी जुड़ा रहे।
युवाओं में माता-पिता के प्रति सम्मान, गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, समाज के प्रति जिम्मेदारी, राष्ट्र के प्रति समर्पण और मानवता के प्रति संवेदनशीलता का भाव होना चाहिए। धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, सदाचार, अनुशासन और परोपकार के मार्ग पर चलना है।
आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो हाथों में आधुनिक तकनीक, मस्तिष्क में ज्ञान, हृदय में संस्कार और जीवन में राष्ट्रसेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। नमो न्यूज के सम्पादक व समाज सेवी गजेन्द्र सिंह चौहान ने कहा जिस युवा के पास शिक्षा होती है, वह अपना भविष्य बनाता है; जिसके पास संस्कार होते हैं, वह समाज का भविष्य संवारता है।
भारत की पहचान उसकी प्राचीन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और उच्च जीवन मूल्यों से रही है। आज आवश्यकता है कि देश का युवा आधुनिक शिक्षा और तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ अपनी संस्कृति, धर्म और संस्कारों से भी जुड़ा रहे।
युवाओं में माता-पिता के प्रति सम्मान, गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, समाज के प्रति जिम्मेदारी, राष्ट्र के प्रति समर्पण और मानवता के प्रति संवेदनशीलता का भाव होना चाहिए। धर्म का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि सत्य, सेवा, सदाचार, अनुशासन और परोपकार के मार्ग पर चलना है।
आज भारत को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जो हाथों में आधुनिक तकनीक, मस्तिष्क में ज्ञान, हृदय में संस्कार और जीवन में राष्ट्रसेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। नमो न्यूज के सम्पादक व समाज सेवी गजेन्द्र सिंह चौहान ने कहा जिस युवा के पास शिक्षा होती है, वह अपना भविष्य बनाता है; जिसके पास संस्कार होते हैं, वह समाज का भविष्य संवारता है।
