पुरोला: उतरकाशी
उत्तराखंड की पर्वतीय धरती से निकलकर जब कोई युवा देश देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाता है तो यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं रहती, फल की पूरी समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणा बन जाती है जनपद उतरकाशी
विकासखंड पुरोला के ग्राम सुनाली के होनहार युवा ऋषभ नौटियाल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 552वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से रवांई घाटी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी यह सफलता न केवल उत्तरकाशी बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। विशेष रूप से पहाड़ के छोटे कस्बों और गांव के छात्रों के लिए उनकी कहानी यह संदेश देती है की सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है। पहाड़ की ऊंचाइयां केवल भौगोलिक नहीं होती बल्कि वह सपनों को भी ऊंचा उड़ने की प्रेरणा देती है।
विकासखंड पुरोला के ग्राम सुनाली के होनहार युवा ऋषभ नौटियाल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 552वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से रवांई घाटी सहित पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। उनकी यह सफलता न केवल उत्तरकाशी बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का विषय है। विशेष रूप से पहाड़ के छोटे कस्बों और गांव के छात्रों के लिए उनकी कहानी यह संदेश देती है की सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है। पहाड़ की ऊंचाइयां केवल भौगोलिक नहीं होती बल्कि वह सपनों को भी ऊंचा उड़ने की प्रेरणा देती है।
ऋषभ नौटियाल के पिता त्र्यंबक प्रसाद नौटियाल तथा माता श्रीमती ललिता नौटियाल हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई द दून स्कूल, देहरादून से पूरी की। इसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से एलएलबी की पढ़ाई की।
ऋषभ की सफलता उनके संघर्ष और निरंतर प्रयास की मिसाल है। इससे पहले वे तीन बार संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। लगातार मेहनत और धैर्य बनाए रखते हुए उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली।
ऋषभ की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। लोगों का कहना है कि पहाड़ के दूरस्थ गांवों से भी युवा अपनी मेहनत और लगन से देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
इस अवसर पर रवांई घाटी के सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं ऋषभ के ताऊ शास्त्री शिव प्रसाद नौटियाल, बड़े भाई डॉ शेखर नोटियाल, पंण्डित शान्ति प्रसाद सेमवाल,विधायक दुर्गेश्वर लाल, समाज सेवा गजेन्द्र चौहान, युवा नेता लोकेश उनियाल, चन्द्र भूषण बिजल्वाण, राजेन्द्र गैरोला, अमित नोडियाल, दिनेश उनियाल,सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऋषभ नौटियाल तथा उनके माता-पिता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
ऋषभ की सफलता उनके संघर्ष और निरंतर प्रयास की मिसाल है। इससे पहले वे तीन बार संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। लगातार मेहनत और धैर्य बनाए रखते हुए उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः चौथे प्रयास में सफलता हासिल कर ली।
ऋषभ की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र के युवाओं को नई प्रेरणा मिली है। लोगों का कहना है कि पहाड़ के दूरस्थ गांवों से भी युवा अपनी मेहनत और लगन से देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
इस अवसर पर रवांई घाटी के सुप्रसिद्ध कथा वाचक एवं ऋषभ के ताऊ शास्त्री शिव प्रसाद नौटियाल, बड़े भाई डॉ शेखर नोटियाल, पंण्डित शान्ति प्रसाद सेमवाल,विधायक दुर्गेश्वर लाल, समाज सेवा गजेन्द्र चौहान, युवा नेता लोकेश उनियाल, चन्द्र भूषण बिजल्वाण, राजेन्द्र गैरोला, अमित नोडियाल, दिनेश उनियाल,सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ऋषभ नौटियाल तथा उनके माता-पिता को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
