पुरोला उतरकाशी
आज रंवाई घाटी के रामा सिराई रौन, गुन्दियाट गांव , रेवड़ी, रामा, आदि गांवों में होली का पर्व पूरे उत्साह, उल्लास और पारंपरिक रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही गली-मोहल्लों में लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलते हुए होली की शुभकामनाएं दीं। घरों में आए मेहमानों का स्वागत गुजिया, मठरी, दही भल्ले जैसे पारंपरिक पकवानों से किया गया।
पहाड़ों में नाची जाती है और पहाड़ी दिल से मनाई जाती है, इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामचंद्र पंवार विभिन्न गांवों में कार्यकर्ता को शुभकामनाएं देते हुए कहा सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली भारतीय संस्कृति का सबसे सुंदर पर्व है, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार लोगों को गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलने और संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। रौन गांव में युवाओं व महिलाओं ने घर घर जाकर शुभकामनाएं दी और पारंपारिक परिवेश में तांदी गीत के साथ नृत्य करते हुए बड़े उत्साह के साथ होली मनाई गई। आपको बताते चलें कि
पहाड़ों में नाची जाती है और पहाड़ी दिल से मनाई जाती है, इस अवसर पर भाजपा मण्डल अध्यक्ष रामचंद्र पंवार विभिन्न गांवों में कार्यकर्ता को शुभकामनाएं देते हुए कहा सभी को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली भारतीय संस्कृति का सबसे सुंदर पर्व है, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार लोगों को गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलने और संबंधों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। रौन गांव में युवाओं व महिलाओं ने घर घर जाकर शुभकामनाएं दी और पारंपारिक परिवेश में तांदी गीत के साथ नृत्य करते हुए बड़े उत्साह के साथ होली मनाई गई। आपको बताते चलें कि
