पुरोला उतरकाशी
उत्तरकाशी के सांकरी, हरकी दून और केदारकांठा क्षेत्र में पर्यटन स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख आधार है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी चोटियां, हरे-भरे जंगल और पारंपरिक संस्कृति देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती है। रंवाई जन एकता मंच के संयोजक व समाज सेवा पर्यटन के बढ़ते विस्तार से स्थानीय युवाओं को होमस्टे, होटल, गाइड, ट्रेकिंग और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। सी एम रावत ने बताया है कि पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।

सांकरी, हरकी दून और केदारकांठा में पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। रावत ने कहा ट्रेकप्प इंडिया कम्पनी अपने कर्मचारियों स्थानीय ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण, जंगलों की सुरक्षा, स्वच्छता और प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। रावत ने कहा ग्रामीणों, पर्यटकों और वन विभाग के सामूहिक प्रयासों से ही हिमालय की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

सांकरी, हरकी दून और केदारकांठा में पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी है। रावत ने कहा ट्रेकप्प इंडिया कम्पनी अपने कर्मचारियों स्थानीय ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों के साथ प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण, जंगलों की सुरक्षा, स्वच्छता और प्राकृतिक जलस्रोतों का संरक्षण के लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाते रहते हैं। रावत ने कहा ग्रामीणों, पर्यटकों और वन विभाग के सामूहिक प्रयासों से ही हिमालय की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
