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विश्व पर्यावरण दिवस पर डीएस ग्रुप ने वाराणसी में रेट्रोफिटेड इलेक्ट्रिक नाव का शुभारंभ किया

Lokesh Badoni
Last updated: June 11, 2026 2:38 pm
Lokesh Badoni Published June 11, 2026
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यह पायलट परियोजना गंगा तट को स्वच्छ और सस्टेनेबल  बनाने के लिए डीजल नाव के स्थान पर इलेक्ट्रिक नाव को अपनाने को बढ़ावा देगी।
वाराणसी: प्रमुख एफएमसीजी समूह और मल्टी बिज़नेस कॉरपोरेशन धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप (डीएस ग्रुप) ने आईएक्स एनर्जी (IX Energy) के सहयोग से 25-सीटर डीजल नाव को सफलतापूर्वक इलेक्ट्रिक नाव में परिवर्तित किया है। इस नाव का उद्घाटन विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वाराणसी में किया गया है। इस पहल का उद्देश्य शहर में डीजल नावों को बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक नावों में बदलने के लिए सरकारी विभागों और अन्य हितधारकों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना है।
इस परियोजना की परिकल्पना सरकारी विभागों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और स्थानीय नाव संचालक समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है, ताकि वाराणसी में इलेक्ट्रिक नावों को तेजी से अपनाया जा सके। डीजल चालित नावों की जगह इलेक्ट्रिक नावों का उपयोग करने से वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी, श्रद्धालुओं और पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा तथा गंगा तट का पर्यावरण अधिक स्वच्छ और सस्टेनेबल  बन सकेगा।
इस पहल पर अपने विचार साझा करते हुए डीएस ग्रुप के महाप्रबंधक (सस्टेनेबिलिटी एवं सीएसआर) श्री प्रभाकांत जैन ने कहा, “डीएस ग्रुप में सस्टेनेबल  ग्रोथ हमारी सामुदायिक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं का महत्वपूर्ण आधार है। इस पायलट परियोजना के माध्यम से हमने यह प्रदर्शित किया है कि स्वच्छ और प्रभावी नदी परिवहन पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय नाव संचालक समुदाय के लिए आर्थिक रूप से भी लाभकारी हो सकता है। डीजल नाव को इलेक्ट्रिक नाव में बदलने की यह सफलता गंगा तट पर वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें उम्मीद है कि यह पहल सभी संबंधित पक्षों के बीच व्यापक सहयोग को प्रोत्साहित करेगी और वाराणसी में सस्टेनेबल  परिवहन समाधानों को अपनाने की प्रक्रिया को गति देगी, जिससे पर्यावरण, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और मल्लाह समुदाय को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।”
यह इलेक्ट्रिक नाव 35 किलोवाट-घंटा (kWh) की बैटरी, इलेक्ट्रिक मोटर, गियरबॉक्स और अन्य आवश्यक प्रणालियों से सुसज्जित है। एक बार पूरी तरह चार्ज होने पर यह नाव नदी की धारा के विपरीत दिशा में संचालन सहित लगभग 80 से 85 किलोमीटर तक चल सकती है या अस्सी घाट और नमो घाट के बीच 3 से 4 चक्कर लगा सकती है।
पर्यावरणीय लाभों के अलावा, यह पहल मल्लाह समुदाय को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी क्योंकि इससे ईंधन और संचालन लागत में कमी आएगी। नाव संचालकों की सुविधा के लिए प्रमुख घाटों पर चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं तथा बैटरी चार्जिंग को आसान बनाने के लिए लंबी चार्जिंग केबल भी उपलब्ध कराई गई हैं।
यह पहल वाराणसी की सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विरासत के संरक्षण के प्रति डीएस ग्रुप की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। धर्मपाल सत्यपाल फाउंडेशन के माध्यम से समूह शहर के छह घाटों—चेत सिंह घाट, शिवाला घाट, महानिर्वाणी घाट, गुलरिया घाट, निरंजनी घाट और दंडी घाट—का रखरखाव करता है। इन घाटों पर नियमित सफाई और रखरखाव कार्य किए जाते हैं, पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा विभिन्न सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों को भी समर्थन दिया जाता है।
डीएस ग्रुप के बारे में
डीएस ग्रुप (धर्मपाल सत्यपाल ग्रुप) भारत के प्रमुख एफएमसीजी समूहों में से एक है, जो देश और विदेश दोनों जगह अपनी मजबूत मौजूदगी रखता है। यह एक बहु-व्यवसायिक कंपनी है, जिसकी स्थापना 1929 में हुई थी। यह समूह अपने लंबे अनुभव और परंपरा को आधुनिक सोच और विकास के साथ जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। डीएस ग्रुप का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, जैसे फूड और बेवरेज, कन्फेक्शनरी, माउथ फ्रेशनर, हॉस्पिटैलिटी, एग्री बिजनेस, लक्जरी रिटेल और अन्य निवेश। इस समूह के प्रमुख ब्रांड में कैच, पल्स, पास पास, सिल्वर पर्ल्स, क्षीर, रजनीगंधा, ओविनो, एल’ओपेरा, ले मार्चे, बर्थराइट, लवइट, चिंगल्स, गोलमोल, नमः आदि शामिल हैं।
एक कॉर्पोरेट कंपनी के रूप में, डीएस ग्रुप स्पष्ट मूल्यों के आधार पर काम करता है, जिनका उद्देश्य समाज कल्याण और पर्यावरण संरक्षण के लिए योगदान देना है। कंपनी के मुख्यालय को (यूएसजीबीसी) यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल के मौजूदा भवन O&M (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) प्रोग्राम वर्जन 4.0 के तहत (LEED) लीडरशिप इन एनर्जी एंड एनवायरनमेंटल डिज़ाइन प्लैटिनम सर्टिफिकेट मिला है। इसके अलावा, डीएस मुख्यालय को यूएसजीबीसी से LEED ज़ीरो कार्बन सर्टिफिकेट भी मिला है। डीएस ग्रुप ने अपने सभी व्यवसायों में “डबल मटेरियलिटी असेसमेंट” प्रक्रिया शुरू की है, जिससे कंपनी की आर्थिक गतिविधियां वैश्विक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और प्रशासन) मानकों के अनुरूप रहें। इसके अलावा, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दिखाते हुए, कंपनी के भारत में 30 स्थानों पर मौजूद बिजनेस यूनिट्स में वॉटर पॉजिटिविटी इंडेक्स 1.8 है।

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