By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
Notification Show More
Font ResizerAa
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Reading: कैम्ब्रिज की नई ‘एक्सीलेंस सीरीज़’ से आईसीएसई स्कूलों में STEM की पढ़ाई होगी और भी आसान व दिलचस्प
Share
Font ResizerAa
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Search
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
दिल्ली

कैम्ब्रिज की नई ‘एक्सीलेंस सीरीज़’ से आईसीएसई स्कूलों में STEM की पढ़ाई होगी और भी आसान व दिलचस्प

Lokesh Badoni
Last updated: September 30, 2026 10:14 am
Lokesh Badoni Published September 30, 2026
Share
SHARE
  • कक्षा 1 और 2 के लिए एक्सीलेंस एनवायरनमेंटल साइंस, कक्षा 3 से 8 के लिए साइंस और कक्षा 1 से 8 के लिए एक्सीलेंस मैथमेटिक्स की किताबें पेश की गई हैं।
  • ये नई किताबें बच्चों में विषयों की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ-साथ सवाल पूछने, असल जिंदगी में सीखी गई बातों को लागू करने और नई स्किल्स सीखने में मदद करेगी।

रांची: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट (कैम्ब्रिज) ने आईसीएसई स्कूलों के लिए दो नई सीरीज लॉन्च की हैं। इनमें ‘एक्सीलेंस मैथमेटिक्स’ और ‘एक्सीलेंस एनवायरनमेंटल साइंस एंड साइंस’ शामिल हैं। इनका मकसद बच्चों को सिर्फ रटकर याद करने के बजाय सवाल पूछने, खुद चीजों को समझने और जो कुछ वे सीखते हैं, उसे असल जिंदगी की समस्याओं को हल करने में इस्तेमाल करना सिखाना है।
इन दोनों सीरीज को रांची में कैम्ब्रिज के एक कार्यक्रम ‘डिस्कवर. एक्सप्लोर. क्रिएट: द फ्यूचर ऑफ STEM लर्निंग’ में लॉन्च किया गया। इस कार्यक्रम में कईं स्कूल के प्रिंसिपल, एकेडमिक कोऑर्डिनेटर और शिक्षक शामिल हुए। यहां इस बात पर चर्चा हुई कि भारतीय क्लासरूम में STEM यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स की पढ़ाई को किस तरह ज्यादा दिलचस्प और प्रैक्टिकल बनाया जा सकता है, ताकि बच्चे सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि उसे असल जिंदगी में भी इस्तेमाल करना सीखें।
ये किताबें एनईपी 2020 और आईसीएसई के नए पाठ्यक्रम, दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। इससे स्कूलों को दोनों के दिशा-निर्देशों के अनुसार पढ़ाई कराने में आसानी होगी, बिना उन्हें अलग-अलग जरूरतों के तौर पर देखने के।
‘एक्सीलेंस मैथमेटिक्स’ सीरीज की सह-लेखिका और डी पेडागोजिक्स से जुड़ी मीनाक्षी उबेरॉय ने कार्यक्रम में बताया कि STEM की पढ़ाई में अब रटने के बजाय सवाल पूछने, खोजने और खुद सीखने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में शिक्षक की भूमिका भी बदल रही है। अब शिक्षक का काम सिर्फ बच्चों को जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें खुद सोचने, समझने और नई चीजें सीखने के लिए प्रेरित करना भी है।
गणित की बेहतर समझ विकसित करना
कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों के लिए तैयार की गई ‘एक्सीलेंस मैथमेटिक्स’ सीरीज उन्हें गणित की शुरुआती समझ से लेकर मुश्किल सवालों को समझने और परीक्षा की तैयारी करने तक में मदद करती है। इसका मकसद बच्चों को सिर्फ गणित के सवाल हल करने के तरीके याद कराना नहीं, बल्कि यह समझाना है कि कोई सवाल कैसे और क्यों हल किया जाता है।
इस सीरीज में ‘मिसकन्सेप्शन-फर्स्ट लर्निंग’ का तरीका अपनाया गया है, जिसमें बच्चों की आम गलतियों और गलतफहमियों को पहचानकर उन्हें दूर किया जाता है, ताकि गणित के कॉन्सेप्ट अच्छी तरह समझ में आ सकें। वहीं, ‘मनी मास्टर’ के खास हिस्से के जरिए बच्चों को बजट बनाने और पैसे बचाने जैसी रोजमर्रा की जरूरी बातें भी सिखाई जाती हैं।
कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए अतिरिक्त अभ्यास और उनकी तैयारी को परखने के लिए एक स्किल असेसमेंट क्वेश्चन बैंक भी मुफ्त दिया जाएगा। इसके अलावा, शिक्षक और छात्र ‘कैम्ब्रिज GO’ का इस्तेमाल कर सकेंगे। यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां एनिमेशन, इंटरैक्टिव एक्टिविटीज, स्लाइड शो वीडियो, टेस्ट बनाने के लिए टूल और ऑनलाइन टेस्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
विज्ञान को सीखने का दिलचस्प अनुभव बनाना
कक्षा 1 और 2 के लिए ‘एक्सीलेंस एनवायरनमेंटल साइंस’ और कक्षा 3 से 8 के लिए ‘साइंस’ सीरीज तैयार की गई है। इन किताबों के जरिए बच्चों को सवाल पूछने, खुद गतिविधियां करके सीखने, तस्वीरों के जरिए चीजों को समझने और अपनी समझ को परखने का मौका मिलेगा। साथ ही, वे अपनी सीखी हुई बातों को असल जिंदगी से जोड़कर देख सकेंगे। इससे बच्चों की विज्ञान से जुड़ी बुनियादी समझ मजबूत होगी और उनकी सोचने-समझने की क्षमता भी विकसित होगी।
इन सीरीज में बच्चों को कई तरह की गतिविधियों के जरिए चीजों को खुद खोजने, उनकी जांच करने और अपने निष्कर्ष निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यानी उन्हें सिर्फ जानकारी देने के बजाय खुद अनुभव से सीखने का मौका मिलेगा। किताबों में भारत की वैज्ञानिक विरासत और पारंपरिक ज्ञान को भी जगह दी गई है। साथ ही, विज्ञान के विषयों को संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जोड़ा गया है, ताकि बच्चे समझ सकें कि विज्ञान का इस्तेमाल दुनिया की असल समस्याओं को सुलझाने में कैसे किया जा सकता है।
‘पल्स चेक’ के जरिए शिक्षक पढ़ाई के दौरान ही यह जान सकेंगे कि बच्चे कितना समझ रहे हैं और किन विषयों में उन्हें ज्यादा मदद की जरूरत है। इसके अलावा, हर विषय के लिए सीखने के लक्ष्य तय किए गए हैं और धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाले असेसमेंट की व्यवस्था की गई है। इससे बच्चों की विषयों पर पकड़ मजबूत होने के साथ-साथ उनकी समझ और अलग-अलग तरह के काम करने की क्षमता भी विकसित होगी।
‘चैलेंज कॉर्नर’, ‘क्रॉस कनेक्ट’, ‘पिक्चर दिस’ और ‘केस इन पॉइंट’ जैसे खास फीचर्स के जरिए बच्चों को सीखी हुई बातों को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इससे वे चीजों को गहराई से समझना, उनके बारे में सोचना और समस्याओं का हल निकालना सीखेंगे।
कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए ‘एक्सीलेंस फिजिक्स’, ‘केमिस्ट्री’ और ‘बायोलॉजी’ के जरिए विज्ञान को और गहराई से समझने पर जोर दिया गया है। इन किताबों में बच्चों को तर्क के साथ सोचना, सबूतों के आधार पर अपनी बात समझाना और सीखी हुई बातों को असल जिंदगी में इस्तेमाल करना सिखाया जाएगा। साथ ही, परीक्षा की तैयारी पर भी ध्यान दिया गया है।
कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को मुफ्त में मिलने वाले स्किल असेसमेंट क्वेश्चन बैंक में ‘क्लेम-एविडेंस-रीजनिंग’ (CER) का तरीका भी शामिल है। इसके जरिए बच्चे किसी बात को सही साबित करने के लिए सबूत देना और तर्क के साथ अपनी बात समझाना सीखेंगे। वहीं, ‘डीप डाइव’ फीचर के जरिए वे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े उदाहरणों और उनके इस्तेमाल के बारे में जान सकेंगे।
शिक्षकों को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक कक्षाएँ तैयार करने में सहयोग
इस नई सीरीज के लॉन्च के जरिए कैम्ब्रिज का मकसद शिक्षकों की मदद करना है, ताकि वे क्लासरूम में पढ़ाई को और दिलचस्प बना सकें। इससे बच्चों में सवाल पूछने, खुद सोचने, सीखी हुई बातों को असल जिंदगी में इस्तेमाल करने और अपने दम पर सीखने की आदत विकसित करने में मदद मिलेगी।
नई अध्ययन सामग्री के लॉन्च पर ‘कैम्ब्रिज एक्सीलेंस मैथमेटिक्स’ सीरीज की को-ऑथर मीनाक्षी उबेरॉय ने बताया कि “STEM की पढ़ाई का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज हम बच्चों को किस तरह पढ़ाते हैं और सीखने के लिए प्रेरित करते हैं। इसका मकसद सिर्फ बच्चों को जानकारी देना नहीं है, बल्कि उन्हें सवाल पूछने, नई चीजें खोजने, अलग-अलग विचारों को समझने और यह जानने के लिए प्रोत्साहित करना है कि वे जो कुछ सीख रहे हैं, उसका आसपास की दुनिया से क्या संबंध है।
एक शिक्षक के तौर पर हमारी अहम भूमिका है कि हम क्लासरूम का माहौल ऐसा बनाएं, जहां बच्चों में जिज्ञासा हो, उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे खुद सोचने-समझने के लिए उत्साहित हों। कैम्ब्रिज की नई आईसीएसई सीरीज तैयार करते समय हमने इन बातों का खास ध्यान रखा है, ताकि STEM की पढ़ाई बच्चों के लिए आसान, दिलचस्प और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हो। इससे वे अपने आसपास की दुनिया को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।”
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट में साउथ एशिया के स्कूल्स के वाइस प्रेसिडेंट विशाल धवन ने कहा, “आज STEM की पढ़ाई में बच्चों को सिर्फ विषयों की जानकारी देना काफी नहीं है। उन्हें अलग-अलग चीजों के बीच संबंध समझना, सबूतों के आधार पर सोचना, सही सवाल पूछना और सीखी हुई बातों को नई परिस्थितियों में इस्तेमाल करना भी आना चाहिए। कैम्ब्रिज की नई आईसीएसई सीरीज के जरिए इन सभी बातों को रोजाना की पढ़ाई का हिस्सा बनाने की कोशिश की गई है। इसमें कॉन्सेप्ट को अच्छी तरह समझने, सवाल पूछने, खुद गतिविधियां करके सीखने, असल जिंदगी के उदाहरणों और नियमित टेस्ट के जरिए बच्चों की समझ को परखने पर ध्यान दिया गया है। हमारा मकसद शिक्षकों को ऐसी अध्ययन सामग्री देना है, जिससे बच्चों को विषयों को गहराई से समझने में मदद मिले और वे धीरे-धीरे आत्मविश्वास के साथ अपने दम पर सीखना भी शुरू करें।”

You Might Also Like

दुर्गा पूजा से पहले मिंत्रा का बिग फैशन फेस्टिवल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ लाया शानदार फेस्टिव फैशन

द किंग्स स्कूल कैंटरबरी ने बेंगलुरु में की शुरुआत, 1,400 साल की विरासत में जुड़ा नया अध्याय

कैम्ब्रिज की नई ‘एक्सीलेंस सीरीज़’ से आईसीएसई स्कूलों में STEM की पढ़ाई होगी और भी आसान व दिलचस्प

realme ने रु.500 करोड़ के फेस्टिव ऑफर्स की घोषणा की, जो उपभोक्ताओं के लिए लेकर आए हैं शानदार वैल्यू

क्या प्यार में गिर जाएगी उम्र की दीवार?

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • दुर्गा पूजा से पहले मिंत्रा का बिग फैशन फेस्टिवल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट के साथ लाया शानदार फेस्टिव फैशन
  • कैम्ब्रिज की नई ‘एक्सीलेंस सीरीज़’ से आईसीएसई स्कूलों में STEM की पढ़ाई होगी और भी आसान व दिलचस्प
  • संघ से भाजपा तक संगठन निर्माण की लंबी यात्रा, संजय विनायक जोशी का समर्पित सफर
  • द किंग्स स्कूल कैंटरबरी ने बेंगलुरु में की शुरुआत, 1,400 साल की विरासत में जुड़ा नया अध्याय
  • डेढ़ दिन में पूरा कर लिया गया ट्रेकर्स रेस्क्यू ऑपरेशन, जिला प्रशासन ने निभाई मुस्तैदी से जिम्मेदारी

Recent Comments

No comments to show.

Categories

  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • शिक्षा
"उत्तराखंड अब तक" हिंदी समाचार वेबसाइट है जो उत्तराखंड से संबंधित ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज, और संस्कृति को लेकर प्रस्तुत करती है।
Quick Link
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
Address: New Colony, Ranjawala, Dehradun – 248001
Phone: +91 9760762885
Email:
uttarakhandabtaknews@gmail.com
© Uttarakhand Ab Tak. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?