लाखामंडल चकराता
2 जून से लगातार 9 जून 2025 तक जौनसार बावर के लाखामंडल क्षेत्र के बटाड़ गांव में केदार बाबा की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान चल रहा था जिसका आज विधिवत वैदिक मित्रोचार के साथ प्रतिष्ठा का समापन हुआ है। आपको बताते चलें कि २ जून को जौनसार के भटाड गांव से देव यात्रा केदारनाथ के लिए प्रस्थान हुई थी विभिन्न पड़ाव को पार करते हुए इन यात्रियों ने बद्रीनाथ को केदारनाथ के दर्शन कर यात्रा के वापस पहुंचने पर गांव में भव्य और दिव्या स्वागत हुआ और विधिवत आचार्य विजय कृष्ण के सानिध्य में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग देव दर्शन के लिए पहुंचे। अपनी देव संस्कृति के लिए विश्व विख्यात देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर व रंवाई के मंदिर में लकड़ी पर कि गई नकाशी एक तरफ से दुर्लभ ही है। बताया जाता है कि उस समय काष्ठकुणी शैली में बने मंदिर आज भी कल को भेजो नमूना पेश करते हैं यह मंदिर कास्ट यानी लकड़ी के बने हैं जिन पर आकर्षक कलाकृतियां उकेरी गई है।

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लाखामंडल चकराता2 जून से लगातार 9 जून 2025 तक जौनसार बावर के लाखामंडल क्षेत्र के बटाड़ गांव में केदार बाबा की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान चल रहा था जिसका आज विधिवत वैदिक मित्रोचार के साथ प्रतिष्ठा का समापन हुआ है। आपको बताते चलें कि २ जून को जौनसार के भटाड गांव से देव यात्रा केदारनाथ के लिए प्रस्थान हुई थी विभिन्न पड़ाव को पार करते हुए इन यात्रियों ने बद्रीनाथ को केदारनाथ के दर्शन कर यात्रा के वापस पहुंचने पर गांव में भव्य और दिव्या स्वागत हुआ और विधिवत आचार्य विजय कृष्ण के सानिध्य में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई।इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग देव दर्शन के लिए पहुंचे। अपनी देव संस्कृति के लिए विश्व विख्यात देहरादून के जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर व रंवाई के मंदिर में लकड़ी पर कि गई नकाशी एक तरफ से दुर्लभ ही है। बताया जाता है कि उस समय काष्ठकुणी शैली में बने मंदिर आज भी कल को भेजो नमूना पेश करते हैं यह मंदिर कास्ट यानी लकड़ी के बने हैं जिन पर आकर्षक कलाकृतियां उकेरी गई है।प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल व जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री गीताराम गौड़ ग्रीस थपलियाल,आचार्य मधुर,आचार्य संन्तोश खण्डूरी आचार्य सुरेश उनियाल।सरदार सिंह चौहान , हरीश शर्मा,प्रदीप शर्मा समाज सेवी कृपाल राणा ने भगवान केदारेश्वर के दर्शन किए। इस अवसर पर मन्दिर समिति ने अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। हजारों कि संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने कहा काष्ठ कला से बने मन्दिर अपने आप में दिब्य भब्य है। सेमवाल ने कहा भगवान केदारेश्वर की महिमा और उनके स्थान का महत्व अत्यंत अद्भुत है. बाबा केदार की पूजा और उनकी भक्ति में अनंत शक्ति और प्रेरणा छिपी होती है. उनके स्थान का महत्व उस संदेश और शक्ति को स्थानांतरित करता है जो हमें धर्म, सेवा, और उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करता है. बाबा के स्थान पर जाकर लोग आत्मा की शुद्धता, साहस, और संतुलन का अनुभव करते हैं, जो उन्हें जीवन में सफलता और खुशियों की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होता है.
ये मंदिर भक्तों के लिए आध्यात्मिकता और साकारात्मक ऊर्जा का केंद्र हैं और अपने विशाल स्त्रोत के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। प्रांत कार्यवाह ने समस्त ग्राम वासियों को और मन्दिर समिति को धन्यवाद ज्ञापित किया और मन्दिर का निर्माण करने वाले हिमाचल प्रदेश के राजमिस्त्री प्रकाश को शांल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर राज्यमंत्री गीताराम गौड़ ने समस्त ग्राम वासियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा आप सभी के आस्था व संकल्प का परिणाम है कि विगत 5 वर्षों तक चले निर्माण कार्य आज संकल्प से सिद्धी तक पहुंचा ।राज्यमंत्री ने कहा
स्थानीय लोग श्रमदान कर स्वयं के संसाधनों से जीर्ण-शीर्ण हो चुके बाबा केदार के पांडवकालीन मंदिर का पुनर्निर्माण कराकर अपने मूलस्वरूप में प्रतिष्ठित किया इसके लिए सभी बधाई व साधुवाद के पात्र हैं। आने वाली समय में बाबा केदारेश्वर का यह मन्दिर आस्था व पर्यटन का केन्द्रबिंदु बनेगा। इस अवसर पर हजारों लोगों ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण कर बाबा का दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। मंच संचालन लाखामंडल मन्दिर समिति के अध्यक्ष शुशील गौड़ ने दूर दराज से आए सभी श्रद्धालु का स्वागत धन्यवाद ज्ञापित किया।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल व जनजाति सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष श्री गीताराम गौड़ ग्रीस थपलियाल,आचार्य मधुर,आचार्य संन्तोश खण्डूरी आचार्य सुरेश उनियाल।सरदार सिंह चौहान , हरीश शर्मा,प्रदीप शर्मा समाज सेवी कृपाल राणा ने भगवान केदारेश्वर के दर्शन किए। इस अवसर पर मन्दिर समिति ने अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। हजारों कि संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने कहा काष्ठ कला से बने मन्दिर अपने आप में दिब्य भब्य है। सेमवाल ने कहा भगवान केदारेश्वर की महिमा और उनके स्थान का महत्व अत्यंत अद्भुत है. बाबा केदार की पूजा और उनकी भक्ति में अनंत शक्ति और प्रेरणा छिपी होती है. उनके स्थान का महत्व उस संदेश और शक्ति को स्थानांतरित करता है जो हमें धर्म, सेवा, और उच्च आदर्शों की ओर प्रेरित करता है. बाबा के स्थान पर जाकर लोग आत्मा की शुद्धता, साहस, और संतुलन का अनुभव करते हैं, जो उन्हें जीवन में सफलता और खुशियों की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक होता है.
ये मंदिर भक्तों के लिए आध्यात्मिकता और साकारात्मक ऊर्जा का केंद्र हैं और अपने विशाल स्त्रोत के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। प्रांत कार्यवाह ने समस्त ग्राम वासियों को और मन्दिर समिति को धन्यवाद ज्ञापित किया और मन्दिर का निर्माण करने वाले हिमाचल प्रदेश के राजमिस्त्री प्रकाश को शांल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर राज्यमंत्री गीताराम गौड़ ने समस्त ग्राम वासियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा आप सभी के आस्था व संकल्प का परिणाम है कि विगत 5 वर्षों तक चले निर्माण कार्य आज संकल्प से सिद्धी तक पहुंचा ।
ये मंदिर भक्तों के लिए आध्यात्मिकता और साकारात्मक ऊर्जा का केंद्र हैं और अपने विशाल स्त्रोत के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। प्रांत कार्यवाह ने समस्त ग्राम वासियों को और मन्दिर समिति को धन्यवाद ज्ञापित किया और मन्दिर का निर्माण करने वाले हिमाचल प्रदेश के राजमिस्त्री प्रकाश को शांल ओढ़ाकर सम्मानित किया ।इस अवसर पर राज्यमंत्री गीताराम गौड़ ने समस्त ग्राम वासियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा आप सभी के आस्था व संकल्प का परिणाम है कि विगत 5 वर्षों तक चले निर्माण कार्य आज संकल्प से सिद्धी तक पहुंचा ।
राज्यमंत्री ने कहा
स्थानीय लोग श्रमदान कर स्वयं के संसाधनों से जीर्ण-शीर्ण हो चुके बाबा केदार के पांडवकालीन मंदिर का पुनर्निर्माण कराकर अपने मूलस्वरूप में प्रतिष्ठित किया इसके लिए सभी बधाई व साधुवाद के पात्र हैं। आने वाली समय में बाबा केदारेश्वर का यह मन्दिर आस्था व पर्यटन का केन्द्रबिंदु बनेगा। इस अवसर पर हजारों लोगों ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण कर बाबा का दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। मंच संचालन लाखामंडल मन्दिर समिति के अध्यक्ष शुशील गौड़ ने दूर दराज से आए सभी श्रद्धालु का स्वागत धन्यवाद ज्ञापित किया।
राज्यमंत्री ने कहास्थानीय लोग श्रमदान कर स्वयं के संसाधनों से जीर्ण-शीर्ण हो चुके बाबा केदार के पांडवकालीन मंदिर का पुनर्निर्माण कराकर अपने मूलस्वरूप में प्रतिष्ठित किया इसके लिए सभी बधाई व साधुवाद के पात्र हैं। आने वाली समय में बाबा केदारेश्वर का यह मन्दिर आस्था व पर्यटन का केन्द्रबिंदु बनेगा। इस अवसर पर हजारों लोगों ने भण्डारे का प्रसाद ग्रहण कर बाबा का दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया। मंच संचालन लाखामंडल मन्दिर समिति के अध्यक्ष शुशील गौड़ ने दूर दराज से आए सभी श्रद्धालु का स्वागत धन्यवाद ज्ञापित किया।
