देहरादून ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चार धाम यात्रा के सफल संचालन से संबंधित आयोजित बैठक में उत्तराखंड चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। महा पंचायत की ओर से हाल में हुई प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान, चार धाम यात्रा में चार धाम की मंदिर समितियों, तीर्थ पुरोहित महासभा और धामों की पंचायतों से समन्वय का सुझाव रखा। इसके अलावा सरल और सफल यात्रा संचालन के लिए सुझाव दिए। चार धाम महापंचायत ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने यात्रा को लेकर कर सफल बैठक आयोजित की। इस अवसर पर चारों धामों के तीर्थ पुरोहितों ,पंडा समाज और पुजारियों ने गंगा जली, प्रसाद और स्मृति चिन्ह भी मुख्यमंत्री को भेंट की।
बैठक में महापंचायत ने हाल में भी प्राकृतिक आपदा के चलते चार धामों में नुकसान की बात रखी। गंगोत्री में घाट, यमुनोत्री में भी मंदिर के आसपास के कई इलाके क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिससे ब्रह्म कपाल से लेकर माधव घाट तक जल भराव की स्थिति बनी रहती है। केदारनाथ यात्रा मार्ग को जल्दी सुचारु करने की मांग की।
चार धाम यात्रा के लिए यात्रा मजिस्ट्रे की तैनाती को महापंचायत ने कहा कि केवल एक माह के लिए यात्रा मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाती है। धामो में यात्रा प्रबंधन सही हो, इसके लिए स्थाई मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएं।
महा पंचायत ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग एवं चारों धाम की मंदिर समितियों , तीर्थ पुरोहित महासभा एवं संबंधित समितियों के साथ समन्वय स्थापित होना जाना चाहिए, ताकि यात्रा सुचारु और सही ढंग से संचालित हो सके।
चार धाम यात्रा के लिए यात्रा मजिस्ट्रे की तैनाती को महापंचायत ने कहा कि केवल एक माह के लिए यात्रा मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाती है। धामो में यात्रा प्रबंधन सही हो, इसके लिए स्थाई मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएं।
महा पंचायत ने सुझाव दिया कि जिला प्रशासन, पर्यटन विभाग एवं चारों धाम की मंदिर समितियों , तीर्थ पुरोहित महासभा एवं संबंधित समितियों के साथ समन्वय स्थापित होना जाना चाहिए, ताकि यात्रा सुचारु और सही ढंग से संचालित हो सके।

इसके अलावा यमुनोत्री तीर्थ पुरोहित महासभा, यमुनोत्री मंदिर समिति, श्री पंच गंगोत्री मंदिर समिति और गंगोत्री तीर्थ पुरोहित महा सभा, और केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने भी धाम की समस्या से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।

इसके अलावा यमुनोत्री तीर्थ पुरोहित महासभा, यमुनोत्री मंदिर समिति, श्री पंच गंगोत्री मंदिर समिति और गंगोत्री तीर्थ पुरोहित महा सभा, और केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों ने भी धाम की समस्या से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।
