By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
Notification Show More
Font ResizerAa
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Reading: डॉ.हेडगेवार जी : कुशल संगठक ।।
Share
Font ResizerAa
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Search
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
उत्तरकाशीउत्तराखंडदेहरादूनफीचर्डसामाजिक

डॉ.हेडगेवार जी : कुशल संगठक ।।

Lokesh Badoni
Last updated: April 26, 2024 6:05 am
Lokesh Badoni Published April 26, 2024
Share
SHARE

 

Contents
कोई अगर आपसे प्रश्न पूछे कि अपने देश के प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार कौन थे ? तो इस प्रश्न के उत्तर में आप मुन्शी प्रेमचन्द का नाम बतायेंगे । भारत के उत्कृष्ट कवि का नाम पूछा गया तो आपका उत्तर होगा – रवीन्द्रनाथ ठाकुर । कभी यह प्रश्न पूछा जाये कि भारत का आकर्षक व्यक्तित्व, अंग्रेजी जिसे ‘हॅण्डसम पर्सनालिटी’ कहा जाता है, कौन था ? तो उत्तर दिया जायेगा सुभाषचन्द्र बोस । लेकिन ऐसे किसी भी प्रश्न का उत्तर डॉ. हेडगेवार नहीं है । फिर डाक्टरजी की विशेषता क्या थी – यह प्रश्न किसीने पूछा तो इसका उत्तर एक ही है – कुशल समाज संगठक याने डाक्टर हेडगेवार । समाज संगठक शब्द द्वि-आयामी है । एक आयाम है, समाज में परिवर्तन और दूसरा आयाम है, इस पद्धति से जो भाग जागृत हुआ है, उनका संगठन । जब समाज संगठन कहा जाता है तो संगठन के हरेक मनुष्य में एक विशेष प्रकार की भावजागृति हुई है और ऐसे भाव-जागृत लोक एकत्रित आये हैं – इस कल्पना से एक कुशल समाज संगठक यह शब्द प्रयोग हम डॉक्टरजी के बारे में कर सकते हैं । 🌹लेकिन डॉक्टरजी की एक और विशेषता है । उदात्त विचार और उसे साकार करनेवाली अत्यंत दुर्गम पद्धति – ऐसा विचार रखनेवाले बहुत लोग हो सकते हैं । विविध प्रकार की बीमारियों पर औषधियों की जानकारी देनेवाली एक पुस्तक का नाम है ‘चिकित्सा प्रभाकर’। मैंने जब उसे पढ़ने का प्रयास किया तो ध्यान में आया कि उसमें जो दवाईयां बतायीं गयीं है, वह निर्माण करना आसान नहीं है, हर किसी के लिये संभव भी नहीं है। मैंने वह पुस्तक मनोरंजन के लिये पढी। ‘चिकित्सा प्रभाकर’ में हरेक प्रकार की बीमारी के लिये दवाई लिखी है किन्तु दवाई निर्माण करना अत्यंत कठिन साध्य है। डॉक्टरजी की विशेषता यह रही कि एक उदात्त- विचार, लेकिन निर्माण करने के लिये उतनी ही सरल पद्धति भी उन्होने दी – यह डाक्टर जी की देन है । इस पद्धति का उल्लेख हम शाखा, इस नाम से करते हैं । सम्पादक

कोई अगर आपसे प्रश्न पूछे कि अपने देश के प्रसिद्ध हिन्दी साहित्यकार कौन थे ? तो इस प्रश्न के उत्तर में आप मुन्शी प्रेमचन्द का नाम बतायेंगे । भारत के उत्कृष्ट कवि का नाम पूछा गया तो आपका उत्तर होगा – रवीन्द्रनाथ ठाकुर । कभी यह प्रश्न पूछा जाये कि भारत का आकर्षक व्यक्तित्व, अंग्रेजी जिसे ‘हॅण्डसम पर्सनालिटी’ कहा जाता है, कौन था ? तो उत्तर दिया जायेगा सुभाषचन्द्र बोस । 

लेकिन ऐसे किसी भी प्रश्न का उत्तर डॉ. हेडगेवार नहीं है । फिर डाक्टरजी की विशेषता क्या थी – यह प्रश्न किसीने पूछा तो इसका उत्तर एक ही है – कुशल समाज संगठक याने डाक्टर हेडगेवार । समाज संगठक शब्द द्वि-आयामी है । एक आयाम है, समाज में परिवर्तन और दूसरा आयाम है, इस पद्धति से जो भाग जागृत हुआ है, उनका संगठन । जब समाज संगठन कहा जाता है तो संगठन के हरेक मनुष्य में एक विशेष प्रकार की भावजागृति हुई है और ऐसे भाव-जागृत लोक एकत्रित आये हैं – इस कल्पना से एक कुशल समाज संगठक यह शब्द प्रयोग हम डॉक्टरजी के बारे में कर सकते हैं । 🌹

लेकिन डॉक्टरजी की एक और विशेषता है । उदात्त विचार और उसे साकार करनेवाली अत्यंत दुर्गम पद्धति – ऐसा विचार रखनेवाले बहुत लोग हो सकते हैं । विविध प्रकार की बीमारियों पर औषधियों की जानकारी देनेवाली एक पुस्तक का नाम है ‘चिकित्सा प्रभाकर’। मैंने जब उसे पढ़ने का प्रयास किया तो ध्यान में आया कि उसमें जो दवाईयां बतायीं गयीं है, वह निर्माण करना आसान नहीं है, हर किसी के लिये संभव भी नहीं है। मैंने वह पुस्तक मनोरंजन के लिये पढी। ‘चिकित्सा प्रभाकर’ में हरेक प्रकार की बीमारी के लिये दवाई लिखी है किन्तु दवाई निर्माण करना अत्यंत कठिन साध्य है। डॉक्टरजी की विशेषता यह रही कि एक उदात्त- विचार, लेकिन निर्माण करने के लिये उतनी ही सरल पद्धति भी उन्होने दी – यह डाक्टर जी की देन है । इस पद्धति का उल्लेख हम शाखा, इस नाम से करते हैं । सम्पादक

You Might Also Like

पॉलीकिड्स स्कूल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026: एक शानदार सफलता

उत्तरायणी कौथिक महोत्सव ढोल नगाड़ों रणसिंघा वैदिक मंत्रोच्चार कलशयात्रा के साथ महिमहिम राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ

डीआईटी विश्वविद्यालय में ग्लोबल इंटरनेशनल एजुकेशनल फेयर का सफल आयोजन, विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ा

श्वेता महारा सैल्यूट तिरंगा संगठन में उत्तराखंड राज्य महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष बनीं

सेवा संकल्प धारणी फाउंडेशन के तत्वावधान में 5 से 8 फरवरी तक उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का आगाज

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • पॉलीकिड्स स्कूल बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026: एक शानदार सफलता
  • उत्तरायणी कौथिक महोत्सव ढोल नगाड़ों रणसिंघा वैदिक मंत्रोच्चार कलशयात्रा के साथ महिमहिम राज्यपाल ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ
  • डीआईटी विश्वविद्यालय में ग्लोबल इंटरनेशनल एजुकेशनल फेयर का सफल आयोजन, विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ा
  • श्वेता महारा सैल्यूट तिरंगा संगठन में उत्तराखंड राज्य महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष बनीं
  • सेवा संकल्प धारणी फाउंडेशन के तत्वावधान में 5 से 8 फरवरी तक उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का आगाज

Recent Comments

No comments to show.

Categories

  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • शिक्षा
"उत्तराखंड अब तक" हिंदी समाचार वेबसाइट है जो उत्तराखंड से संबंधित ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज, और संस्कृति को लेकर प्रस्तुत करती है।
Quick Link
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
Address: New Colony, Ranjawala, Dehradun – 248001
Phone: +91 9760762885
Email:
uttarakhandabtaknews@gmail.com
© Uttarakhand Ab Tak. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?