पुरोला (उत्तरकाशी)।
आज रंवाई घाटी पुरोला रामा सिंराई के आराध्य इष्टदेव श्री कपिल मुनि खंडासूरी महाराज के भव्य मंदिर में शिखर कलश स्थापना का पावन कार्यक्रम मूल थान ग्राम गुंदियाटगांव में श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में गुंदियाटगांव, रौन, छानिका, डिकाल, अन्दुणी सहित आसपास के अनेक गांवों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया।वेद मंत्रों की पवित्र ध्वनि और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मंदिर के शिखर पर कलश एवं धर्मध्वजा स्थापित की गई। इस शुभ अवसर पर दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त एवं ध्याणी दर्शन के लिए पहुंचे। कलश एवं ध्वजा स्थापना के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर स्थानीय क्षेत्र की लोक संस्कृति अपनी समृद्ध परंपराओं, पांडव नृत्य, तांदी नृत्य स्थानीय अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोकगीतों के माध्यम से इस अनूठी संस्कृति और लोकभाषा देखने मिली और नई पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कलश स्थापना कार्यक्रम में शामिल होकर ईष्ट देवताओ के दर्शन लिए। उन्होंने इष्टदेव से सभी जनमानस की खुशहाली के लिए प्रार्थना की व आशीर्वाद प्राप्त किया।प इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा विधायक दुर्गेश्वर लाल व पूर्व विधायक मालचंद अन्य जनप्रतिनिधियो को भी सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मान्यता है कि भगवान कपिल मुनि सांख्य दर्शन के प्रणेता एवं भगवान विष्णु के अवतार थे। उन्होंने सांख्य ज्ञान के माध्यम से अपनी माता देवहूति का उद्धार किया।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक दुर्गेश्वर लाल ने कलश स्थापना कार्यक्रम में शामिल होकर ईष्ट देवताओ के दर्शन लिए। उन्होंने इष्टदेव से सभी जनमानस की खुशहाली के लिए प्रार्थना की व आशीर्वाद प्राप्त किया।प इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा विधायक दुर्गेश्वर लाल व पूर्व विधायक मालचंद अन्य जनप्रतिनिधियो को भी सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। मान्यता है कि भगवान कपिल मुनि सांख्य दर्शन के प्रणेता एवं भगवान विष्णु के अवतार थे। उन्होंने सांख्य ज्ञान के माध्यम से अपनी माता देवहूति का उद्धार किया।
