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उत्तराखंडदेहरादून

हरिद्वार में 5211 किलो वजनी विश्व के विशाल पारद शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न, 2000 से अधिक श्रद्धालु हुए शामिल

Lokesh Badoni
Last updated: June 17, 2026 8:22 am
Lokesh Badoni Published June 17, 2026
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हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में 5211 किलोग्राम वजनी विश्व के विशाल पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया।
यह प्राण प्रतिष्ठा समारोह गुरु गोरक्षनाथ महाराज की परंपरा, गिरनार के पूज्य पीर योगी महंत सोमनाथ बापू के आशीर्वाद तथा पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ। आयोजन का उद्देश्य विश्व शांति, मानव कल्याण और सकारात्मक ऊर्जा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।

दस वर्षों की साधना से तैयार हुआ पारद शिवलिंग:
ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी द्वारा लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के अध्ययन के बाद इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण किया गया। इसके निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण (गोल्ड) तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है।
रघुनाथ गुरुजी के अनुसार यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, सकारात्मक ऊर्जा और मानव चेतना के जागरण का माध्यम है। इससे पूर्व वे वर्ष 2019 में लगभग 10,000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी कर चुके हैं।

संतों और विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थितिप्राण प्रतिष्ठा समारोह में अनेक प्रतिष्ठित संत, धर्माचार्य और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, परम पूज्य सुधांशु महाराज, परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी रविन्द्र पुरी महाराज, दिनेश चंद्र, विश्व हिन्दू परिषद संरक्षक, साध्वी ऋतंभरा, आचार्य मनीष (HIIMS), सांसद राघव चड्ढा, नितिन गौतम- गंगा सभा के अध्यक्ष,राज्य मंत्री  सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।

आयोजन की सफलता में राजीव बंसल की महत्वपूर्ण भूमिका:
इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में उद्योगपति एवं समाजसेवी राजीव बंसल की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया।

राजीव बंसल ने कहा, “मैं साईं बाबा का भक्त हूं। मुझे बाबा का आशीर्वाद मिला कि मैं इस दिव्य कार्य का हिस्सा बन सका। यह मेरे लिए सेवा और श्रद्धा का अवसर था। ईश्वर की कृपा से हम सभी मिलकर इस कार्य को पूर्ण कर पाए।
ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने भी समारोह के समापन पर सभी श्रद्धालुओं, संतों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विशेष रूप से राजीव बंसल के योगदान की सराहना की।

प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सफलता में राजीव बंसल, आदरणीय दादाश्री, मनोज तोषनीवाल परिवार, मनोज गोहद, आईजी तकवाले, ममता जिवाल, तरुण भंडारी, अमित अग्रवाल, रमेश सांवरथिया, डॉलरभाई कोटेचा, सुधीर अग्रवाल, राजू ओसवाल और जितेन्द्र राठी सहित अनेक श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

समाजसेवा और दिव्यांग सशक्तिकरण से भी जुड़ा अभियान:
आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ-साथ रघुनाथ गुरुजी दिव्यांग आत्मनिर्भरता, महिला किसान सशक्तिकरण, पर्यावरण जागरूकता और नवाचार आधारित सामाजिक अभियानों से भी जुड़े हुए हैं। दिव्यांग इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCAI) के माध्यम से दिव्यांगजनों को स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें DICCAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित अग्रवाल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

समारोह के अंत में “ध्यान से शांति, शांति से सद्भाव और सद्भाव से विश्व कल्याण” का संदेश दिया गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

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