देहरादून: तुलाज़ इंस्टीट्यूट, देहरादून द्वारा टीबीआई-केआईईटी के सहयोग तथा भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन एंड इनोवेशन (टीटीआई) डिवीजन के प्रायोजन में 15 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) ऑन एंटरप्रेन्योरशिप का आयोजन किया गया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को उद्यमिता से जुड़ी आवश्यक कौशल एवं ज्ञान प्रदान करना तथा शैक्षणिक संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. रविंद्र गौर द्वारा किया गया। कार्यक्रम एवं समापन सत्र में डॉ. रीता सेन गुप्ता, डॉ. शैलेंद्र कुमार, निदेशक, तुलाज़ इंस्टीट्यूट, डॉ. निशांत सक्सेना, अतिरिक्त निदेशक, डॉ. विजय कुमार उपाध्याय, रजिस्ट्रार, डॉ. सुनील सेमवाल, डीन रिसर्च एवं एफडीपी समन्वयक, डॉ. सौरव कुमार, सीईओ, टीबीआई-केआईईटी तथा अवधेश कुमार, मैनेजर, टीबीआई-केआईईटी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा उद्यमिता, नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं संस्थागत विकास जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए गए। इनमें डॉ. रितम दत्ता (यूपीईएस), एस. बी. बहुगुणा, विजय वीर सिंह, प्रियाश गुप्ता, डॉ. एस. पी. मिश्रा, अनुज रतूड़ी, राजेंद्र कुमार, संयुक्त निदेशक, डीआईसी तथा मोहित नागपाल, सीईओ, आईटीबीआई यूपीईएस शामिल रहे। 15 दिनों तक चले इस कार्यक्रम में 30 फैकल्टी सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम में उद्यम स्थापना, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, फंडिंग मैकेनिज्म, इनोवेशन मैनेजमेंट एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव एवं उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने ऐसे ज्ञान एवं कौशल अर्जित किए जो विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने तथा शैक्षणिक संस्थानों में उद्यमिता इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में सहायक होंगे। यह पहल नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देने तथा शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच सहयोग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
