पर्यटन नगरी सांकरी सौड़ में सोमेश्वर महाराज के देवगत मेले के अवसर पर दो दिवसीय ध्याणी मैती मिलन कार्यक्रम सोमवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। दो दिन तक चले ध्याणी मिलन कार्यक्रम में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए पर्यटन गांव सौड़ सांकरी के ग्रामीणों द्वारा देवगोत मेले के अवसर पर आयोजित ध्याणी मिलन कार्यक्रम में अन्य गांवों से अपने मायके सौड़ गांव पहुंची ध्याणियों ने दो दिन तक भव्य मेले में प्रतिभाग कर मायके वालों का आभार व्यक्त किया। आपको बताते चलें कि यह केवल एक मिलन नहीं, बल्कि हमारी जड़ों के प्रति सम्मान का प्रतीक है।
पारंपरिक वेशभूषा: सांकरी गाँव की महिलाओं ने अपनी पारंपरिक पोशाक और आभूषणों में सज-धजकर अपनी सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन किया।
लोक संस्कृति का संगम: सोमेश्वर महाराज के आशीर्वाद के साथ ढोल-दमाऊ की थाप पर लोक गीतों और पारंपरिक नृत्यों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया। इस अवसर पर सोंड गांव निवासी रंवाई जन एकता मंच के संयोजक चन्द्रमणी रावत ने सम्बोधित करते हुए कहा कि रंवाई (रवाईं) घाटी अपनी विशिष्ट लोकसंस्कृति, देवआस्था, और समृद्ध लोक परंपराओं के लिए जानी जाती है, जहाँ मोरी क्षेत्र की अनूठी बोली, ढोल-दमाऊ की थाप, और पारंपारिक परिवेश तांदी नृत्य मुख्य आकर्षण हैं। यह आयोजन हमें याद दिलाता है कि विकास की दौड़ में भी हमारी बेटियां अपनी संस्कृति और संस्कारों की सबसे बड़ी संवाहक हैं। सौड-सांकरी के समस्त ग्रामवासियों व क्षेत्र वासियों ने परंपरा को जीवित रखा है। इस अवसर पर सेंकड़ों लोग उपस्थित थे।