By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
Notification Show More
Font ResizerAa
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Reading: पिरूल एकत्रीकरण पर बढ़ा मुआवजा, रोजगार के नए अवसर
Share
Font ResizerAa
Uttarakhand Ab TakUttarakhand Ab Tak
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Search
  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • यूथ
  • शिक्षा
  • सामाजिक
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • स्वास्थ्य
  • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
उत्तराखंडदेहरादून

पिरूल एकत्रीकरण पर बढ़ा मुआवजा, रोजगार के नए अवसर

Lokesh Badoni
Last updated: March 29, 2025 12:18 pm
Lokesh Badoni Published March 29, 2025
Share
SHARE

शीतलाखेत मॉडल पूरे प्रदेश में होगा लागू

देहरादून। उत्तराखंड में वनाग्नि नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए वन विभाग ने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) की स्थापना की है और फोरेस्ट फायर उत्तराखण्ड मोबाइल ऐप विकसित किया है। प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) डॉ. धनंजय मोहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि इस ऐप का उपयोग न केवल विभागीय कर्मियों, बल्कि ग्राम प्रधानों, वन पंचायतों और स्वयंसेवी संगठनों ने किया जाएगा, जिससे वनाग्नि की घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
इसके अलावा, वन्यजीव संघर्ष, अवैध कटान, अतिक्रमण और शिकार जैसी घटनाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन नंबर 1926 भी सक्रिय किया गया है। वनाग्नि नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए शीतलाखेत मॉडल को पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है। अब तक 15 वन प्रभागों की 20 टीमों को एक्सपोजर विज़िट कराई जा चुकी हैं और विभिन्न वन प्रभागों की टीमों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सरकार ने वनाग्नि नियंत्रण में सहायता के लिए पिरूल (सूखी पत्तियां) एकत्रीकरण की दर 3 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी है। इससे न केवल जंगलों में आग लगने की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इसके साथ ही, वन विभाग ने पैलेट्स व ब्रिकेट्स यूनिटों को बढ़ावा देने और नई यूनिटों की स्थापना की योजना बनाई है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
संवेदनशील वन क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान केंद्रों की स्थापना के लिए मौसम विभाग के साथ एमओयू किया गया है। इससे मौसम के बदलाव पर निगरानी रखते हुए वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सकेगा। उत्तराखंड सरकार और वन विभाग की इन पहलों से वन संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने में अहम योगदान मिलेगा।

You Might Also Like

फ्रंटियर ज्वेलर्स एक्सक्लूसिव ने रचा इतिहास, लगातार दूसरे वर्ष जीता राष्ट्रीय पुरस्कार

डीआईटी यूनिवर्सिटी में आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी ने युवाओं को किया प्रेरित

उत्तराखंड में श्री श्री वेलबीइंग का पहला सेंटर देहरादून में हुआ शुरू

प्रथम श्वास फाउंडेशन ने रचा सेवा का नया कीर्तिमान, मात्र दो महीनों में 8 जनहितकारी परियोजनाओं की सफल श्रृंखला पूरी

पूर्व जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र राणा को प्रदेश कार्यकारी सदस्य भाजपा मनोनीत होने पर भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर

Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Telegram Email Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • फ्रंटियर ज्वेलर्स एक्सक्लूसिव ने रचा इतिहास, लगातार दूसरे वर्ष जीता राष्ट्रीय पुरस्कार
  • डीआईटी यूनिवर्सिटी में आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी ने युवाओं को किया प्रेरित
  • उत्तराखंड में श्री श्री वेलबीइंग का पहला सेंटर देहरादून में हुआ शुरू
  • एनएनईएफ और एनएससीबी मेडिकल कॉलेज ने मध्य प्रदेश के पहले सिकल सेल वेलनेस हब का उद्घाटन किया
  • प्रथम श्वास फाउंडेशन ने रचा सेवा का नया कीर्तिमान, मात्र दो महीनों में 8 जनहितकारी परियोजनाओं की सफल श्रृंखला पूरी

Recent Comments

No comments to show.

Categories

  • उत्तराखंड
  • राजनीति
  • देश-विदेश
  • पर्यटन
  • क्राइम
  • संस्कृति
  • शिक्षा
"उत्तराखंड अब तक" हिंदी समाचार वेबसाइट है जो उत्तराखंड से संबंधित ताज़ा खबरें, राजनीति, समाज, और संस्कृति को लेकर प्रस्तुत करती है।
Quick Link
  • उत्तराखंड
  • देश-विदेश
  • राजनीति
  • संस्कृति
  • स्वास्थ्य
Address: New Colony, Ranjawala, Dehradun – 248001
Phone: +91 9760762885
Email:
uttarakhandabtaknews@gmail.com
© Uttarakhand Ab Tak. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?