चार हज़ार से अधिक कुएं और तलब बने
देहरादून: कल के लिए जल अभियान का असर धरातल पर दिखने लगा है। न केवल सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने जल संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कुंड और तालाबों का निर्माण कर रहे हैं,बल्कि अब स्कूली छात्र भी इस अभियान में अपना योगदान दे रहे हैं । गढ़वाल मंडल के साथ ही कुमाऊँ मंडल में भी यह अभियान गति पकड़ने लगा है।
वर्ष 2022 कल के लिए जल अभियान की शुरुआत की गई। पिछले दो वर्षों में अभियान धरातल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में बड़ा है।
अभियान से जुड़े लोग अभियान की शुरूआत कामयाबी की मुख्य वजह लोगों को जोड़ना रहा। खासकर ग्रामीण अपने पूर्वजों की स्मृति में तालाब और कुंड का निर्माण करने में आगे आए।

केवल सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग ही इस दिशा में कार्य नहीं कर रहे हैं, बल्कि स्कूल भी इस अभियान का हिस्सा बन गए हैं।
एक स्कूल एक जल स्रोत के अंतर्गत एजेल्स इंटरनेशनल एकैडमी मातली ने कंडारा जल स्रोत पुनर्जीवित करने के लिए गोद लिया। इसके जलागम क्षेत्र में बच्चों के द्वारा 10 कच्चे तालाब बनाए गए।
राजकीय इंटर कॉलेज गालुड धार टिहरी ने पडिया धारा गोद लिया। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांगड़ा ने तीन धारे गोद लिए। राजकीय इंटर कालेज कंडारी उत्तरकाशी ने एक धारा गोद लिया।
उत्तराखंड राज्य के ब्रांड एंबेसेडर द्वारिका सेमवाल ने बताया कि कल के लिए जल अभियान से प्रेरित होकर अन्य राज्यों के लोग भी अपने जन्मदिन पर तालाब बना रहे है।
सेमवाल ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोगो को भावनात्मक रूप से जल संरक्षण अभियान से जोड़ा जा रहा है, राज्य भर में अनेकों स्थान पर लोग अपने प्रियजनों की याद में श्रमदान कर जल कुंड बना रहे है।
