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उत्तरकाशीउत्तराखंडफीचर्डसामाजिक

विकासखण्ड मोरी अन्तर्गत जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्रों के पुनः परिसीमन में 4 के स्थान पर 3 निर्वाचन के प्रस्ताव पर आम जनमानस आहत हैं ।

Lokesh Badoni
Last updated: September 20, 2024 6:05 am
Lokesh Badoni Published September 20, 2024
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 मोरी उतरकाशी

विकासखण्ड मोरी अन्तर्गत जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचान क्षेत्रों के पुनः परिसीमन में 4 के स्थान पर 3 निर्वाचन के प्रस्ताव पर आम जनमानस आहत हैं । सामाजिक कार्यकर्ता जोगेंद्र चौहान ने प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति दर्ज कर जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखा है ।

Contents
 मोरी उतरकाशीविकासखण्ड मोरी अन्तर्गत जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचान क्षेत्रों के पुनः परिसीमन में 4 के स्थान पर 3 निर्वाचन के प्रस्ताव पर आम जनमानस आहत हैं । सामाजिक कार्यकर्ता जोगेंद्र चौहान ने प्रस्ताव पर कड़ी आपत्ति दर्ज कर जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखा है ।जोगेंद्र चौहान ने डीएम को लिखे पत्र में लिखा है कि आपके कार्यालय ज्ञाप सं० 815 दिनांक 18-09-2024 द्वारा पंचायतराज अनुभाग-01 के शासनादेश सं0 318467 दिनांक 24-01-2024 के क्रम में जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड मोरी हेतु जिला पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्रों के पुनःपरिसीमन की सूचना आपत्ति एवं सुझाव के लिए प्रकाशित हुई है । विकासखण्ड मोरी में जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचक क्षेत्रों के पुनः परिसीमन प्रस्ताव में भौगौलिक सीमाओं एवं मुख्य नदियों और परस्पर क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत की वर्तमान सीमाओं के विपरित गलत एवं त्रुटिपूर्ण होने पर निम्नलिखित आपत्तियाँ है। 1-विगत पंचायत निर्वाचन-2014 एवं पंचायत निर्वाचन-2019 में विकासखण्ड मोरी हेतु 4 जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित है। जबकि आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए उक्त शासनादेश के आधार पर जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र पुनःपरिसीमन में घटाकर 3 निर्धारित प्रस्तावित किए गये है जो 2014 एवं 2019 के परिसीमन के विपरित है, क्योंकि वर्ष 2014, 2019 का परिसीमन भी 2011 की जनगणना पर हुआ है इसमें नियामानुसार कोई परिवर्तन नही होना था, पूर्व निर्वाचन की भाँति विकासखण्ड मोरी में जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र 4 यथावत रखना न्याय संगत होगा।2- आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र 20 जखोल के पुनःपरिसीमन में क्षेत्र पंचायत पैंसर एवं पोखरी को सम्मिलित किया गया है जो जखोल जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की सीमा पर स्थित कोटगाँव से लगभग 20-25 कि०मि० दूरी पर है जबकि कोटगाँव की सीमा के परस्पर क्षेत्र पंचायत दडगाणगांव स्थित है जिसको छोड़कर इस प्रकार यह पुनःपरिसीमन भौगौलिक सीमाओं के अनुसार गलत एवं त्रुटिपूर्ण होने के कारण आपत्ति है। क्षेत्र पंचायत पोखरी, पैंसर व जखोल में शामिल न किया जाय।3- आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र 21 आराकोट में क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी को उनकी वर्तमान भौगौलिक सीमाओं के विपरित गलत सम्मिलित किया गया है, जबकि आराकोट जिला पंचायत की सीमा पर स्थित ग्राम-मोरा के परस्पर क्षेत्र पंचायत सालरा को सम्मिलित किया जाना चाहिए था जिसे छोड़कर लगभग 20-25 कि०मि दूर स्थित क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी को आराकोट में सम्मिलित करना पूर्ण रूप से गलत एवं त्रुटिपूर्ण है। क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी पूर्व की भाँति यथावत रखा जाय।4- पंचायतराज अनुभाग-01 के उपरोक्त शासनादेश के बिन्दु सं०-03(2) प्रस्तर-04 में स्पष्ट निर्देश है कि जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र का पुर्नः परिसीमन उन्ही निर्वाचन क्षेत्रों में किया जायेगा जहाँ पर नये नगर निकाय गठित होने अथवा ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन के कारण क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र प्रभावित हुए हो, परन्तु विकासखण्ड मोरी अन्तर्गत कोई नगर निकाय गठित नही है और ग्राम पंचायत के पुर्नगठन के कारण किसी भी क्षेत्र पंचायत / जिला पंचायत के प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्र प्रभावितप्रकार अकारण विकासखण्ड मोरी की जिला पंचायत के प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्रों में पूर्नपरिसीमन करना शासनादेश एवं पंचायतराज अधिनियम के विरूद्ध होने पर मेरी आपत्ति है। विकासखण्ड मोरी के जिला पंचायत प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्रों को पूर्व की भाँति यथावत रखा जाय।उ∼न्होंने लिखा कि उपरोक्त वर्णित आपत्तियों की सुनवाई जनभावनाओं के अनुरूप वर्तमान भौगौलिक परिस्थितियों तथा परस्पर पर सीमाओं पर स्थित क्षेत्र पंचायतों को मध्य नजर रखते हुए मेरी आपत्ति का निस्तारण किया जाय तथा मुझे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाय, ताकि मैं सुनवाई में उपस्थित होकर तर्क सहित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकूँगा।

जोगेंद्र चौहान ने डीएम को लिखे पत्र में लिखा है कि आपके कार्यालय ज्ञाप सं० 815 दिनांक 18-09-2024 द्वारा पंचायतराज अनुभाग-01 के शासनादेश सं0 318467 दिनांक 24-01-2024 के क्रम में जनपद उत्तरकाशी के विकासखण्ड मोरी हेतु जिला पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्रों के पुनःपरिसीमन की सूचना आपत्ति एवं सुझाव के लिए प्रकाशित हुई है । विकासखण्ड मोरी में जिला पंचायतों के प्रादेशिक निर्वाचक क्षेत्रों के पुनः परिसीमन प्रस्ताव में भौगौलिक सीमाओं एवं मुख्य नदियों और परस्पर क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत की वर्तमान सीमाओं के विपरित गलत एवं त्रुटिपूर्ण होने पर निम्नलिखित आपत्तियाँ है। 1-

विगत पंचायत निर्वाचन-2014 एवं पंचायत निर्वाचन-2019 में विकासखण्ड मोरी हेतु 4 जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित है। जबकि आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए उक्त शासनादेश के आधार पर जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र पुनःपरिसीमन में घटाकर 3 निर्धारित प्रस्तावित किए गये है जो 2014 एवं 2019 के परिसीमन के विपरित है, क्योंकि वर्ष 2014, 2019 का परिसीमन भी 2011 की जनगणना पर हुआ है इसमें नियामानुसार कोई परिवर्तन नही होना था, पूर्व निर्वाचन की भाँति विकासखण्ड मोरी में जिला पंचायत के निर्वाचन क्षेत्र 4 यथावत रखना न्याय संगत होगा।

2- आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र 20 जखोल के पुनःपरिसीमन में क्षेत्र पंचायत पैंसर एवं पोखरी को सम्मिलित किया गया है जो जखोल जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र की सीमा पर स्थित कोटगाँव से लगभग 20-25 कि०मि० दूरी पर है जबकि कोटगाँव की सीमा के परस्पर क्षेत्र पंचायत दडगाणगांव स्थित है जिसको छोड़कर इस प्रकार यह पुनःपरिसीमन भौगौलिक सीमाओं के अनुसार गलत एवं त्रुटिपूर्ण होने के कारण आपत्ति है। क्षेत्र पंचायत पोखरी, पैंसर व जखोल में शामिल न किया जाय।

3- आगामी पंचायत निर्वाचन के लिए जिला पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र 21 आराकोट में क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी को उनकी वर्तमान भौगौलिक सीमाओं के विपरित गलत सम्मिलित किया गया है, जबकि आराकोट जिला पंचायत की सीमा पर स्थित ग्राम-मोरा के परस्पर क्षेत्र पंचायत सालरा को सम्मिलित किया जाना चाहिए था जिसे छोड़कर लगभग 20-25 कि०मि दूर स्थित क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी को आराकोट में सम्मिलित करना पूर्ण रूप से गलत एवं त्रुटिपूर्ण है। क्षेत्र पंचायत डोभालगाँव, खरसाड़ी एवं देवजानी पूर्व की भाँति यथावत रखा जाय।

4- पंचायतराज अनुभाग-01 के उपरोक्त शासनादेश के बिन्दु सं०-03(2) प्रस्तर-04 में स्पष्ट निर्देश है कि जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र का पुर्नः परिसीमन उन्ही निर्वाचन क्षेत्रों में किया जायेगा जहाँ पर नये नगर निकाय गठित होने अथवा ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन के कारण क्षेत्र पंचायत/जिला पंचायत के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र प्रभावित हुए हो, परन्तु विकासखण्ड मोरी अन्तर्गत कोई नगर निकाय गठित नही है और ग्राम पंचायत के पुर्नगठन के कारण किसी भी क्षेत्र पंचायत / जिला पंचायत के प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्र प्रभावित

प्रकार अकारण विकासखण्ड मोरी की जिला पंचायत के प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्रों में पूर्नपरिसीमन करना शासनादेश एवं पंचायतराज अधिनियम के विरूद्ध होने पर मेरी आपत्ति है। विकासखण्ड मोरी के जिला पंचायत प्रादेशित निर्वाचन क्षेत्रों को पूर्व की भाँति यथावत रखा जाय।

उ∼न्होंने लिखा कि उपरोक्त वर्णित आपत्तियों की सुनवाई जनभावनाओं के अनुरूप वर्तमान भौगौलिक परिस्थितियों तथा परस्पर पर सीमाओं पर स्थित क्षेत्र पंचायतों को मध्य नजर रखते हुए मेरी आपत्ति का निस्तारण किया जाय तथा मुझे व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया जाय, ताकि मैं सुनवाई में उपस्थित होकर तर्क सहित साक्ष्य प्रस्तुत कर सकूँगा।

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