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उत्तराखंडफीचर्डसामाजिक

प्रदेश में राजस्व पुलिस व्यवस्था खत्म कर रेगुलर पुलिस व्यवस्था लागू करने के दिये निर्देश। हाईकोर्ट

Lokesh Badoni
Last updated: May 22, 2024 8:06 am
Lokesh Badoni Published May 22, 2024
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नैनीताल

हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को एक साल के भीतर प्रदेश में राजस्व पुलिस व्यवस्था को पुरी तरह खत्म कर रेगुलर पुलिस लागु करने के निर्देश दिए हैं । मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश रितु बाहरी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा है। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया है कि कई क्षेत्रों में रेगुलर पुलिस की व्यवस्था कर दी है बचे हुए क्षेत्र में भी रेगुलर पुलिस व्यवस्था लागू करने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। मंगलवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य में राजस्व पुलिस व्यवस्था समाप्त करने को लेकर दायित्व जनहित याचिका पर सुनवाई की।2024 में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवीन चंद्र बनाम राज्य सरकार केश में इस व्यवस्था को समाप्त करने की जरूरत समझी थी । जिसमें कहा गया की राजस्व पुलिस को सिविल पुलिस की भांति ट्रेनिंग नहीं दी जाती है। राजस्व पुलिस के पास आधुनिक साधन,कंप्यूटर ,डीएनए, रक्त परीक्षण,फिंगरप्रिंट जांच जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होती है। इन सुविधाओं के अभाव में अपराध की समीक्षा करने में परेशानियां होती है।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि राज्य में एक समान कानून व्यवस्था नागरिकों के लिए होनी चाहिए ।
उच्च न्यायालय ने भी इस संबंध में सरकार को 2018 में कई दिशा निर्देश दिए थे। परंतु इस आदेश देश का पालन सरकार ने नहीं किया है । जनहित याचिका में कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि पूर्व में दिए आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करवाया जाए। इस मामले में देहरादून की समाधान संस्था की ओर से जनहित याचिका दायर की गई है।

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