*मातृ देवो भवः
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माँ सृजन करती है इसलिए वह ब्रह्माणी है। माँ पालन करती है इसलिए वह वैष्णवी है और अपने बच्चों में संस्कारों को सृजित कर दुर्गुणों का नाश करती है इसलिए माँ ही रुद्राणी है।
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माँ सृजन करती है इसलिए वह ब्रह्माणी है। माँ पालन करती है इसलिए वह वैष्णवी है और अपने बच्चों में संस्कारों को सृजित कर दुर्गुणों का नाश करती है इसलिए माँ ही रुद्राणी है।
