आचार्य लोकेश बडोनी
नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना को समर्पित है। देशभर में श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत, पूजा-पाठ, दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन-कीर्तन और कन्या पूजन के माध्यम से मां भगवती की उपासना करते हैं। नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति, संयम और नारी शक्ति के सम्मान का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महिषासुर नामक असुर के अत्याचारों से देवताओं को मुक्ति दिलाने के लिए मां दुर्गा ने उससे युद्ध किया और उसका वध कर धर्म की स्थापना की। इसी विजय को शक्ति और धर्म की अधर्म पर जीत के प्रतीक के रूप में स्मरण किया जाता है। एक अन्य प्रचलित मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पूर्व मां दुर्गा की आराधना की थी। नवरात्रि केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सदाचार, सेवा, आत्मसंयम, नारी सम्मान और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का अवसर भी है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। यह पर्व लोगों को सत्य के मार्ग पर चलने और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है।इसी उपलक्ष्य में श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन करते हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय, नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय सनातन संस्कृति की आस्था का संदेश देता है।
