पुरोला उतरकाशी
लाल धान के लिए प्रसिद्ध रामा सिरांई और कमल सिरांई क्षेत्र में अतिवृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। फसल पककर तैयार होने के समय हुई तेज बारिश से खेतों में खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत और लागत के बाद तैयार हुई फसल अब खराब होने की कगार पर है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि रामा सिरांई को लाल धान का कटोरा कहा जाता है, इसलिए इस क्षेत्र के किसानों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सरकार को विशेष राहत पैकेज देना चाहिए।
किसानों का कहना है कि महीनों की मेहनत और लागत के बाद तैयार हुई फसल अब खराब होने की कगार पर है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
किसानों ने कहा कि रामा सिरांई को लाल धान का कटोरा कहा जाता है, इसलिए इस क्षेत्र के किसानों को हुए नुकसान को गंभीरता से लेते हुए सरकार को विशेष राहत पैकेज देना चाहिए।
