विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर गुरुवार को तहसील परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी के निर्देशानुसार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी जैसी गंभीर सामाजिक समस्या के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा पीड़ितों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जानकारी देना रहा।
इस अवसर पर तहसीलदार कमल सिंह राठौर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव तस्करी एक जघन्य अपराध है, जिससे बचाव के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी मानव तस्करी अथवा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों को जागरूक कर ही इस अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मानव तस्करी के कारणों, उसके दुष्परिणामों तथा कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।
गौरतलब है कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देश पर 30 जुलाई को पूरे प्रदेश में विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुरोला तहसील परिसर में भी लोगों को जागरूक कर मानव तस्करी के विरुद्ध एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में पीएलवी दर्शन लाल, अरुण सिंह, अमित नेगी, सुरेन्द्र लाल, सोवेन्द्र, केशर नेगी, बिजेन्द्र पंवार, श्रीदेव, अनिल खण्डुरी, महेश आर्य सहित समाज सेवी अन्य लोग उपस्थित रहे।