पृथक जनपद रवांई की मांग को लेकर महापंचायत, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पुरोला उतरकाशी
रवांई क्षेत्र को पृथक जनपद बनाए जाने एवं पुरोला को जिला मुख्यालय घोषित किए जाने की वर्षों पुरानी मांग को लेकर एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। शुक्रवार को जिला बनाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर कमल गंगा तट खेल मैदान, पुरोला में महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें रामा–कमल सिराईं, मोरी क्षेत्र सहित विभिन्न गांवों से जनप्रतिनिधि व ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे।
महापंचायत का नेतृत्व संघर्ष समिति के संयोजक एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार ने किया। बैठक में पृथक जनपद निर्माण की आवश्यकता, क्षेत्र की सामाजिक-भौगोलिक परिस्थितियों तथा आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
महापंचायत के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तरकाशी जनपद की विषम भौगोलिक स्थिति के कारण रवांई घाटी के डामटा, पुरोला, नौगांव तथा हिमाचल सीमा से लगे मोरी क्षेत्र के निवासियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
संघर्ष समिति ने मांग की कि राड़ी टॉप के बाद हिमाचल सीमा से लगे आराकोट तक के क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए पृथक रवांई जनपद का गठन किया जाए तथा पुरोला को उसका जिला मुख्यालय बनाया जाए। समिति का कहना है कि यह मांग दशकों से चली आ रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश शासनकाल में सचिव भार्गव समिति द्वारा रवांई को पृथक जनपद तथा पुरोला को जिला मुख्यालय बनाए जाने पर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011, 2014, 2016 और 2018 में बार-बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनशन किए गए, इसके बावजूद केवल आश्वासन ही मिले। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि राज्य की रजत जयंती वर्ष में भी यह मांग अनसुनी रही तो क्षेत्र की जनता को पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
महापंचायत व ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति अध्यक्ष बलदेव असवाल, गंभीर सिंह चौहान, अंकित पंवार, उपेंद्र राणा, मुरारी लाल, चंडी प्रसाद खंडूड़ी, पूर्ण भक्त नोटियाल, राजेश विजल्वाण, उमेंद्र रावत, सोहन पोखरियाल, रविंद्र सिंह, दीपक नौडियाल, दिनेश, अरबिंद, जगजीवन राणा, दिनेश प्रसाद भट्ट, भूपाल गुसाईं व मनजीत आर्य सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
महापंचायत का नेतृत्व संघर्ष समिति के संयोजक एवं कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष प्रकाश कुमार ने किया। बैठक में पृथक जनपद निर्माण की आवश्यकता, क्षेत्र की सामाजिक-भौगोलिक परिस्थितियों तथा आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
महापंचायत के बाद संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि उत्तरकाशी जनपद की विषम भौगोलिक स्थिति के कारण रवांई घाटी के डामटा, पुरोला, नौगांव तथा हिमाचल सीमा से लगे मोरी क्षेत्र के निवासियों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। छोटे-छोटे प्रशासनिक कार्यों के लिए भी लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
संघर्ष समिति ने मांग की कि राड़ी टॉप के बाद हिमाचल सीमा से लगे आराकोट तक के क्षेत्र को सम्मिलित करते हुए पृथक रवांई जनपद का गठन किया जाए तथा पुरोला को उसका जिला मुख्यालय बनाया जाए। समिति का कहना है कि यह मांग दशकों से चली आ रही है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि उत्तर प्रदेश शासनकाल में सचिव भार्गव समिति द्वारा रवांई को पृथक जनपद तथा पुरोला को जिला मुख्यालय बनाए जाने पर सैद्धांतिक सहमति दी जा चुकी थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्ष 2011, 2014, 2016 और 2018 में बार-बार आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनशन किए गए, इसके बावजूद केवल आश्वासन ही मिले। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि यदि राज्य की रजत जयंती वर्ष में भी यह मांग अनसुनी रही तो क्षेत्र की जनता को पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
महापंचायत व ज्ञापन सौंपने वालों में संघर्ष समिति अध्यक्ष बलदेव असवाल, गंभीर सिंह चौहान, अंकित पंवार, उपेंद्र राणा, मुरारी लाल, चंडी प्रसाद खंडूड़ी, पूर्ण भक्त नोटियाल, राजेश विजल्वाण, उमेंद्र रावत, सोहन पोखरियाल, रविंद्र सिंह, दीपक नौडियाल, दिनेश, अरबिंद, जगजीवन राणा, दिनेश प्रसाद भट्ट, भूपाल गुसाईं व मनजीत आर्य सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
