उत्तरकाशी,15 नवंबर 2025
शनिवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर जनपद उतरकाशी के विकासखण्ड डुंडा में महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। डुंडा ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्षों को याद किया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य देवभूमि के युवाओं और जनजातीय समुदाय को उनके गौरवशाली इतिहास और ‘धरती आबा’ के बलिदान से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा बिरसा मुंडा साहस के प्रतीक थे, जिन्होंने आदिवासी समुदाय के पैतृक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज को अंधविश्वासों और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होने का संदेश भी दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को याद करते हुए युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डुंडा विकासखंड में जनजातीय संस्कृति और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। स्थानीय छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार किया।
वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों को अपनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य देवभूमि के युवाओं और जनजातीय समुदाय को उनके गौरवशाली इतिहास और ‘धरती आबा’ के बलिदान से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा बिरसा मुंडा साहस के प्रतीक थे, जिन्होंने आदिवासी समुदाय के पैतृक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज को अंधविश्वासों और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होने का संदेश भी दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को याद करते हुए युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डुंडा विकासखंड में जनजातीय संस्कृति और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। स्थानीय छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार किया।
वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों को अपनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।

यह समारोह डुंडा क्षेत्र के लिए गौरवशाली इतिहास को याद करने और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने का एक सशक्त माध्यम बना।

यह समारोह डुंडा क्षेत्र के लिए गौरवशाली इतिहास को याद करने और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने का एक सशक्त माध्यम बना।
गीता राम गौड़ उपाध्यक्ष जनजातीय सलाहकार परिषद उत्तराखंड सरकार के द्वारा सरकार और प्रधानमंत्री को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने के लिए धन्यवाद किया। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा जनजाति से संबंधित वरिष्ठजनो नारायण सिंह नेगी , दलवीर सिंह नेगी ,धर्म सिंह , जसपाल सिंह , सैन सिंह का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा जनजाति से संबंधित वरिष्ठजनो नारायण सिंह नेगी , दलवीर सिंह नेगी ,धर्म सिंह , जसपाल सिंह , सैन सिंह का सम्मान किया गया।
मंच संचालन सुधीर जोशी ने किया इस अवसर पर उपाध्यक्ष औषधीय पादप बोर्ड प्रताप सिंह पंवार, ग्राम प्रधान वीरपुर जमुना देवी, प्रधान बगोरी रंजीता देवी, क्षेत्र पंचायत वीरपुर बीना राणा , सीडीओ जय भारत सिंह, एसडीएम देवानंद शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी , बीडीओ दिनेश जोशी आचार्य सन्तोष खण्डूरी आचार्य लोकेश बडोनी प्रधान राजेश विजल्वाण भारत बडोनी मनीष रावत भूपेंद्र चौहान आदि उपस्थित थे।
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उत्तरकाशी,15 नवंबर 2025शनिवार को जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर जनपद उतरकाशी के विकासखण्ड डुंडा में महान स्वतंत्रता सेनानी और जननायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। डुंडा ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और ‘जल, जंगल, जमीन’ की रक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्षों को याद किया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य देवभूमि के युवाओं और जनजातीय समुदाय को उनके गौरवशाली इतिहास और ‘धरती आबा’ के बलिदान से परिचित कराना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने कहा बिरसा मुंडा साहस के प्रतीक थे, जिन्होंने आदिवासी समुदाय के पैतृक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उन्होंने समाज को अंधविश्वासों और सामाजिक बुराइयों से मुक्त होने का संदेश भी दिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने इस दौरान भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को याद करते हुए युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लेने लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर डुंडा विकासखंड में जनजातीय संस्कृति और सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। स्थानीय छात्रों ने बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने उपस्थित लोगों में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक चेतना का संचार किया।
वक्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के सिद्धांतों को अपनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।यह समारोह डुंडा क्षेत्र के लिए गौरवशाली इतिहास को याद करने और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने का एक सशक्त माध्यम बना।गीता राम गौड़ उपाध्यक्ष जनजातीय सलाहकार परिषद उत्तराखंड सरकार के द्वारा सरकार और प्रधानमंत्री को भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाए जाने के लिए धन्यवाद किया। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा के त्याग और बलिदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा जनजाति से संबंधित वरिष्ठजनो नारायण सिंह नेगी , दलवीर सिंह नेगी ,धर्म सिंह , जसपाल सिंह , सैन सिंह का सम्मान किया गया। मंच संचालन सुधीर जोशी ने किया इस अवसर पर उपाध्यक्ष औषधीय पादप बोर्ड प्रताप सिंह पंवार, ग्राम प्रधान वीरपुर जमुना देवी, प्रधान बगोरी रंजीता देवी, क्षेत्र पंचायत वीरपुर बीना राणा , सीडीओ जय भारत सिंह, एसडीएम देवानंद शर्मा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी , बीडीओ दिनेश जोशी आचार्य सन्तोष खण्डूरी आचार्य लोकेश बडोनी प्रधान राजेश विजल्वाण भारत बडोनी मनीष रावत भूपेंद्र चौहान आदि उपस्थित थे।
