त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में उत्पन्न संवैधानिक संकट से पार पाने के बाद अब पंचायत चुनाव सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकते हैं मानसून सीजन सिर पर है और सरकार कह चुकी है पंचायत चुनाव जल्दी होंगे लेकिन अब तक चुनाव कार्यक्रम घोषित होने का इंतजार है।
अब सरकार ने आरक्षण की स्थिति भी साफ कर दी है। आम जनमानस से आरक्षण पर आपत्ति मांगी गई है जिसका निस्तारण 16 जून तक कर लिए जाने की संभावना है सरकार का पूरा जोर है कि जुलाई माह में पंचायत चुनाव करवा लिया जाए लेकिन मानसून की स्थिति को देखते हुए है यह चुनाव अगस्त सितंबर माह तक स्थगित भी किया जा सकते हैं इधर पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे हैं संभावित प्रत्याशियों और लोगों को पंचायत चुनाव कार्यक्रम घोषित होने का इंतजार है सूत्रों की माने तो 23 जून के बाद कभी भी पंचायत चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागु की जा सकती है । आपको बताते चलें कि मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मानसून तय समय से पहले ही राज्य में सक्रिय हो सकता है उत्तरकाशी, टिहरी ,पौड़ी ,चमोली रुद्रप्रयाग, समेत कुमाऊं मंडल के कुछ जनपद आपदा की लिहाज से अति संवेदनशील है। मानसून सीजन सरकार के लिए दुश्वारियों से भरा रहता है बारिश के दौरान जगह-जगह पहाड़ियों के दरकने और मलवा आने की घटनाएं आम हो जाती है ऐसे में जुलाई माह में पंचायत चुनाव कराना सरकार के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं होगा।