निकाय चुनाव को लेकर राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी घोषित होते ही निकायों में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। चुनाव को लेकर बीजेपी के टिकट फाइनल होते ही उत्तरकाशी जिले की अधिकांश निकायों में नाराज दावेदारों ने बगावती तेवर अपना लिए हैं।
पुरोला नगर पालिका में भी बीजेपी में बगावत के संकेत मिले हैं। यहां पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष अमिचंद शाह को टिकट न मिलने पर बीजेपी ने पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्यारे लाल हिमानी को टिकट दिया है। ऐसे में टिकट के प्रबल दावेदारों में शामिल बीजेपी नेता अमीचंद शाह ने भी बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के साफ संकेत दिए हैं। उन्होंने प्रेसवार्ता करते हुए कहा है कि कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए चुनाव लड़ूंगा। शाह ने कहा मुझे पुरा विश्वास था कि पार्टी मुझे टिकट देगी। अन्ततः टिकट कहीं और फाइनल कर दिया। गोरबतल है कि जिले में लंबे समय से पार्टी व संगठन के साथ जुड़े दावेदारों में किसी एक को भी टिकट न मिलना और अन्ततः पैराशूट के जरिये भाजपा में टिकट फाइनल होने से पार्टी के अंदर नाराजगी बाहर निकलने लगी है। जिसमे पहली नाराजगी व पार्टी को झटका अमिचंद शाह के रूप में देखा जा रहा है।
इसी तरह बड़कोट नगरपालिका में भी बीजेपी से अतोल रावत को टिकट मिलते ही अन्य प्रबल दावेदारों ने बगावती तेवर दिखाए हैं। यहां आज बीजेपी से बगावत कर राजाराम जगूड़ी ने निर्दलीय के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया है।
जबकि दावेदारों में शामिल कपिल रावत और कृष्णा राणा ने भी पार्टी से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं
इन सबके बीच, देखा जाए तो अभी नाम वापसी तक बीजेपी के पास बागियों को मनाने का मौका है, लेकिन पार्टी में बगावत ने निकायों में सियासी तपिश बढ़ा दी है।