प्रदेश ब्यूरो हिंमाशु नोरियाल
“गद्दारी के किले ढह गए, राष्ट्रवाद की तोप से,
सांप नेवले एक हो गए, योगी तेरे ख़ौफ़ से”
योगी जी ने प्रारब्ध की प्राप्ति से प्रेरित होकर आपने 22 वर्ष की अवस्था में सांसारिक जीवन त्यागकर संन्यास ग्रहण कर लिया था। आपने विज्ञान वर्ग से स्नातक तक शिक्षा ग्रहण की तथा छात्र जीवन में विभिन्न राष्ट्रवादी आन्दोलनों से जुड़े रहे।
महायोगी गुरु गोरक्षनाथ एवं उनकी तपःस्थली गोरखनाथ मन्दिर, गोरखपुरहिन्दू-धर्म, दर्शन, अध्यात्म और साधना के अन्तर्गत विभिन्न सम्प्रदायों और मत-मतान्तरों में नाथ सम्प्रदाय का प्रमुख स्थान है।
बहुत से लोग सोचते हैं कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री भगवा पोशाक पहनते हैं, इसलिए एक “सन्यासी” हैं? लेकिन उनके बारे में जो असल तथ्य हैं जिनकी वजह से वह एक प्रभावशाली व्यक्तित्व ही नहीं बल्कि दुनिया के कुछ चुनिंदा सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय नेता भी हैं वो ये हैं :
1. एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय से उत्तर प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक अंक (100%)। योगी जी गणित के छात्र हैं, जिन्होंने बीएससी गणित स्वर्ण पदक के साथ उत्तीर्ण किया है।
2. भारतीय सेना की सबसे पुरानी गोरखा रेजीमेंट के आध्यात्मिक गुरु हैं। नेपाल में योगी समर्थक का विशाल समूह है जो योगी को गुरु के रूप में पूजते हैं।
3. एक लेखा विशेषज्ञ जो कंप्यूटर को भी हरा देता है। प्रसिध्द गणितज्ञ शकुंतला देवी ने भी योगी जी की तारीफ की।
4. रात में केवल चार घंटे की नींद। रोजाना सुबह 3:30 बजे उठ जाते हैं। योग, ध्यान गोशाला, आरती, पूजा प्रतिदिन की दिनचर्या है।
5. दिन में दो बार ही खाते हैं, पूर्णतः शाकाहारी। भोजन में शामिल रहता है कन्द, मूल, फल और देशी गाय का दूध। शायद इसी वजह से वह आज तक किसी भी कारण से कभी अस्पताल में भर्ती नहीं हुए।
6. योगी का परिवार अभी भी उसी स्थिति में रहता है जैसा उनके सांसद या मुख्यमंत्री बनने के पहले रहता था। योगी सालों पहले सन्यास लेने के बाद सिर्फ एक बार घर गए हैं।
7. योगी का सिर्फ एक बैंक अकाउंट है और कोई जमीन संपत्ति उनके नाम नहीं है और न ही उनका कोई खर्च है। अपने भोजन कपडे का खर्च वो स्वयं के वेतन से करते हैं और शेष पैसा राहत कोष में जमा कर देते हैं।
8. योगी जी के सोने वाले कमरे मे कोई AC या रूम कूलर नही है केवल एक सीलिंग फैन है। योगी जी एक लकडी के तख्त पर एक कम्बल उसके उपर चादर बिछाकर सोते हैं।
दोस्तों किसी ने क्या खूब कहा है कि ” कुछ पाने के लिए कुछ खोना ही पड़ता है”। यही सब कुछ ही है बस योगीजी की जिंदगी का सरमाया।
योगीजी जैसे चुंबकीय तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व तथा भारत माता के सच्चे सपूत को मेरा कोटि कोटि नमन और सैल्यूट।
