चमोली
गैरसैंण की सड़कों पर रविवार को उत्तराखंड में मूल निवास 1950 सक्त भू कानून और अस्थाई राजधानी गैरसैण की मांग को लेकर जनता उमड़ पड़ी ।
राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में स्वाभिमान महारैली के दौरान स्वत: स्फूर्त उमड़ी भीड़ ऐतिहासिक रही। महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया महा रैली की सफलता के बाद आयोजकों ने मांगे पूरी नहीं होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है । राज्य के अलग-अलग स्थान से लोग महारैली में शामिल हुए । रैली की शुरुआत से पहले वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा के सामने मसूरी खटीमा गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। रामलीला मैदान से शुरू होकर मुख्य बाजार होती है हुए वापस वहीं रैली संपन्न हुई पूरे रास्ते में लोग नारे लगाते लोकगीत और जन गीत गाते हुए लोग निकले। पूर्व सैनिकों ने भी समर्थन दिया बच्चे और बुजुर्ग भी रैली में भागीदारी करते दिखे। रामलीला मैदान में हुई सभा में मूल निवास भू कानून समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा की उत्तराखंड निर्माण आंदोलन के शहीदों के सपनों का राज्य तभी बनेगा जब अस्थाई राजधानी गैरसैंण होगी मूल निवास 1950 लागू होगा और मजबूत भू कानून बनेगा। डिमरी ने कहा कि गैरसैंण के आसपास की जमीन धड़ाधड़ बिक रही है बाहरी लोग हमारे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जमीन खरीद रहे हैं।
राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में स्वाभिमान महारैली के दौरान स्वत: स्फूर्त उमड़ी भीड़ ऐतिहासिक रही। महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया महा रैली की सफलता के बाद आयोजकों ने मांगे पूरी नहीं होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है । राज्य के अलग-अलग स्थान से लोग महारैली में शामिल हुए । रैली की शुरुआत से पहले वीरचंद्र सिंह गढ़वाली की प्रतिमा के सामने मसूरी खटीमा गोलीकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। रामलीला मैदान से शुरू होकर मुख्य बाजार होती है हुए वापस वहीं रैली संपन्न हुई पूरे रास्ते में लोग नारे लगाते लोकगीत और जन गीत गाते हुए लोग निकले। पूर्व सैनिकों ने भी समर्थन दिया बच्चे और बुजुर्ग भी रैली में भागीदारी करते दिखे। रामलीला मैदान में हुई सभा में मूल निवास भू कानून समन्वय समिति के संयोजक मोहित डिमरी ने कहा की उत्तराखंड निर्माण आंदोलन के शहीदों के सपनों का राज्य तभी बनेगा जब अस्थाई राजधानी गैरसैंण होगी मूल निवास 1950 लागू होगा और मजबूत भू कानून बनेगा। डिमरी ने कहा कि गैरसैंण के आसपास की जमीन धड़ाधड़ बिक रही है बाहरी लोग हमारे लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर जमीन खरीद रहे हैं।

