पुरोला जिला बनाओं संघर्ष समिति ने जिला बनाने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया
गौरतलब है कि विगत 30 वर्षो में पुरोला को जिला बनाने को लेकर कई बार उग्र आंदोलन हो चुके हैं , बावजूद जिले की मांग अब तक परवान नही चढ पाई है ।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश कुमार ने कहा पुरोला को जिला बनाने की मांग वर्षों पुरानी है जिसका इतिहास बडा लम्बा चौडा रहा है । जिसकी सम्पूर्ण रिर्पोट शासन प्रशासन को उपलब्ध करवा रखी है।
समाज सेवी शान्ति प्रसाद सेमवाल ने कहा उत्तराखण्ड राज्य बनने से पुरोला के हमारे पूर्वज व बुद्धिजीवी वर्ग सामाजिक और यहा के बहु बेटी माताओं की मुख्य मांग पुरोला को जिला बनाने की रही है वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी के द्वारा चार जिलों की घोषणा की गई थी जो आज तक लम्बीत पड़े हुऐ है उसके पश्चात पुरोला के लोगों द्वारा कई बार जिले की मांग को लेकर धरना प्रर्दशन व जन आन्दोलन के माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार को मांग पत्र प्रेषित किया है जिसकी सुनवाई आज तक नहीं की गयी है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अनुरोध किया गया है की पुरोला को जिला बनाने के लिए जमीन, सरकारी कार्यालय व सरकारी भवन पहले से ही उपलब्ध है जिसकी सम्पूर्ण रिर्पोट अधिकारियों द्वारा शासन को उपलब्ध करवा दी गयी है।
ज्ञापन देने वालो में राज्य आन्दोलन कारी, जन-प्रतिनिधि व समाजसेवी सहित शांति प्रसाद सेमवाल, कमलेश्वर नोटियाल, राधाकृष्ण बडोनी, पृथ्वी राज कपूर, एडवोकेट राजेश राणा, एडवोकेट हिमानी , लोकेश नोटियाल,प्रकाश कुमार, बचन लाल, रामदास आदि सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे ।