मोरी
मोरी ब्लाक के 22 गांव के अधिष्ठात्री देवता सोमेश्वर महादेव का मुख्य थान कोट गांव में गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी दो दिवसीय आषाढ़ मेले का आयोजन किया जाता है।
इन आषाढ़ माह के मेलों में क्षेत्र के इष्टदेव सोमेश्वर महादेव 22 गांव में पहुंचकर रात्रि विश्राम कर मेले का आयोजन कर ग्रामीण द्वारा चोपति, बड़े हर्षोल्लास के साथ तांदी,रासौं आदि नृत्य भी करते है।

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मोरीमोरी ब्लाक के 22 गांव के अधिष्ठात्री देवता सोमेश्वर महादेव का मुख्य थान कोट गांव में गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी दो दिवसीय आषाढ़ मेले का आयोजन किया जाता है।इन आषाढ़ माह के मेलों में क्षेत्र के इष्टदेव सोमेश्वर महादेव 22 गांव में पहुंचकर रात्रि विश्राम कर मेले का आयोजन कर ग्रामीण द्वारा चोपति, बड़े हर्षोल्लास के साथ तांदी,रासौं आदि नृत्य भी करते है।मेले में अडोर, बड़ासू, पंचगाई पट्टी के ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर कफूवा का आयोजन भी किया गया। कफूवा को देखने के लिए ब्लॉक के दूर-दराज क्षेत्र सहित बंगाण, पुरोला, हिमाचल प्रदेश से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुरोला क्षेत्र के युवा लोकप्रिय विधायक दुर्गेश लाल व ब्लाक प्रमुख बचन पंवार, एडवोकेट अजीत पाल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष सूरज रावत आदि अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक दुर्गेश लाल ने कहा मेले हमारे सांस्कृतिक धरोहर है, इन्हें संजोय रखना हमारा कर्तव्य है। यह मेला रंवाई, हिमाचल की संस्कृति को जोड़ते हुए भाई चारे का संदेश देता है। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश लाल ने कलाकारों को सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किये।कोटगांव मेले के आयोजन के बाद क्षेत्र के इष्टदेव सोमेश्वर महादेव शनिवार को अपने पुजारी, माली, बजीर, स्याणे, क्षेत्र के युवा, युवती, बुजुर्गो के साथ ढाटमीर गांव के लिए प्रस्थान करेंगे। ढाटमीर में रात्रि विश्राम के बाद सोमेश्वर महादेव फिताड़ी, जखोल, धारा, कासला, लिवाड़ी गांव पहुँचेंगे।आपको बताते चले कि इस पद यात्रा में सोमेश्वर महादेव प्रत्येक गांव में रात्रि विश्राम कर ग्रमीणों को क्षेत्र की समृद्धि एवं खुशहाली का शुभाशीष देते हैं। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा-पाठ, हवन,यज्ञ कर वेद मंत्रोच्चारण के साथ ही सोमेश्वर महाराज की आराधना की जाती है। ग्रामीणों द्वारा तांदी,रांसौ नृत्य किया जाता है। इस अवसर पर ग्रामीण विभिन्न व्यंजनों के साथ मेहमाननवाजी भी करते हैं। इस अवसर पर आयोजक समिति सहित सांकरी मण्डल अध्यक्ष दर्शन रावत , मोरी मण्डल अध्यक्ष ईश्वर पंवार, जयचंद रावत,बाबूराम डिमरी, विजेन्द्र डिमरी उमेन्द्र आस्टा चन्दन चौहान आदि उपस्थित थे।
मेले में अडोर, बड़ासू, पंचगाई पट्टी के ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर कफूवा का आयोजन भी किया गया। कफूवा को देखने के लिए ब्लॉक के दूर-दराज क्षेत्र सहित बंगाण, पुरोला, हिमाचल प्रदेश से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पुरोला क्षेत्र के युवा लोकप्रिय विधायक दुर्गेश लाल व ब्लाक प्रमुख बचन पंवार, एडवोकेट अजीत पाल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष सूरज रावत आदि अन्य जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे। सांस्कृतिक कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक दुर्गेश लाल ने कहा मेले हमारे सांस्कृतिक धरोहर है, इन्हें संजोय रखना हमारा कर्तव्य है। यह मेला रंवाई, हिमाचल की संस्कृति को जोड़ते हुए भाई चारे का संदेश देता है। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश लाल ने कलाकारों को सम्मानित कर स्मृति चिन्ह भेंट किये।


