केंद्र की मोदी सरकार ने अग्नि वीर योजना के नाम बदलने के साथ-साथ उनकी समय सीमा भी बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार पुरानी अग्निवीर योजना को बदलकर अब अग्निपथ स्कीम की जगह सैनिक सम्मान स्कीम के नाम से जाना जाएगा। जिसमें 10 से अधिक बदलाव किए जाएंगे। इन बदलाव की जानकारी आप नीचे देख सकते हैं।
अब 25% की जगह 60% उम्मीदवारों को किया जाएगा परमानेंट
इस योजना के लिए सबसे बड़ा और पहले बदलाव है कि पिछली योजना में 25 प्रतिशत उम्मीदवारों को ही परमानेंट किया जाता था। लेकिन अब नई सैनिक सम्मान स्कीम के तहत 60% उम्मीदवारों को परमानेंट किया जाएगा।
4 वर्ष की जगह 7 वर्ष तक नौकरी कर सकते हैं
दूसरा बड़ा बदलाव था कि पहले अग्निवीर के तहत 4 वर्ष तक ही सेना में नौकरी की जा सकती थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7 वर्ष कर दिया गया है। यानी 3 वर्ष का अतिरिक्त सेवा का मौका दिया जाएगा।
तीसरा बदलाव यह हैं कि टेक्निकल पोस्ट पर चयन होने वाले उम्मीदवारों को परमानेंट ही रखा जाएगा। यानी जो उम्मीदवार टेक्निकल पोस्ट के लिए चयन हुए हैं उन्हें 7 वर्ष के बाद रिटायर नहीं किया जाएगा।
ट्रेनिंग की अवधि जो पहले 24 सप्ताह की थी उसे बढ़ाकर 42 सप्ताह कर दिया गया है।
अब वर्ष में 45 दिन की छुट्टियां ले सकेंगे
तथा सैनिक सम्मान योजना के तहत 41 लाख का पैकेज मिलेगा।
7 वर्ष के बाद रिटायर्ड हुए अग्निवीरों को गारंटीड नौकरी प्रदान की जाएगी।
सभी केंद्र की नौकरियों मे 15% अग्निवीरों को आरक्षण दिया जाएगा।
यदि किसी सैनिक कि इस दौरान मौत होती है तो उसे सैनिक सम्मान दिया जाएगा।
तथा उसके परिवार को पेंशन प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मौत के बाद 75 लाख रुपए सैनिक सम्मान के तहत दिए जाएंगे। फरवरी 2024 के बाद अग्नि वीर योजना के तहत भर्ती हुए सैनिकों को सैनिक सम्मान स्कीम का लाभ मिलेगा सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 23 जून को इस स्कीम की आधिकारिक घोषणा करेंगे सैनिक सम्मान स्कीम के तहत अब अग्निवीर सेवा में 7 साल तक नौकरी करेंगे। आपको बता दिन की शुरुआत से ही अग्निवीर योजना का विरोध हो रहा है लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्ष ने अग्नि वीर योजना को बड़ा मुद्दा बनाया था और इसका जमकर विरोध किया था केंद्र में तीसरी बार एनडीए की सरकार बनने के बाद अग्नि वीर योजनाओं की फिर से समीक्षा की जा रही है साथ ही एनडीए के घटक दलों ने इस स्कीम की समीक्षा करने की मांग की