“सर्वे संतु निरमाया” सब सस्वस्थ रहे:
दोस्तों,
मेरी समझ में मृत्यु के बाद हमारा शरीर या शारीरिक अंग किसी और मनुष्य के उपचार के लिए उपयोगी हो सके, इससे बड़ा दान हो ही नहीं सकता। हमें चाहिए की हम संपूर्ण समाज व देश को अपना परिवार बनाएं और हर पीड़ित दुर्घटनाग्रस्त या बीमार व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए निस्वार्थ भाव से अपना दिए अंगों को दान करके मोक्ष की और अपना पहला कदम अवश्य उतरना चाहिए, ऐसा मेरा मानना है। मेरा यह भी व्यक्तिगत मानना है के
” देह दान” गौदान या कन्या दान से भी उच्च श्रेणी में आता है।
उपरोक्त मेरी कथन को मद्दे नजर रखते हुए, देहरादून में इसी दिशा पर निस्वार्थ भावना से एक संस्था काम कर रही है जिसका नाम है:”Dadhichi dehradun daan samiti”, dehradun, Uttarakhand जो की सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है।
Our honourable Prime Minister Sh. Narendra Modi also said this about this regarding organ donation in one of his ” man ki baat”:
“Organ donation should become a habit as well as an instinct. organ donation should be a celebrated as a festival”.
“सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी”, देहरादून ने “Dadhichi dehradun daan samiti”, dehradun, Uttarakhand की इस निस्वार्थ सेवा से प्रभावित होकर एक सांझा मीटिंग का प्रस्ताव रखा जिसको दधीचि समिति के अध्यक्ष, डॉक्टर मुकेश गोयल ने सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है।
जल्द ही इस विषय पर एक संयुक्त मीटिंग की जाएगी जिसमे लोगों को देह दान के विषय में ज्ञान एवं जरूरी जानकारी दी जाएगी जिसकी तिथि, टाइम, जगह इत्यादि आपको बहुत पहले बता दी जाएगी।
यदि आप में से भी कोई स्वेच्छा से अपने नेत्र, कोई एंड, या सम्पूर्ण देहदान के लिए इच्छुक को तो आप इस मीटिंग में पधार सकते है। आप सादर आमंत्रित हैं।
सनातन धर्म की जय।
संपर्क दूरभाष:
हिमांशु नौरियाल। ब्यूरो उत्तराखण्ड अब-तक
8477937533
